IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022 : 12वीं टॉपर गीतांजलि देवांगन बोलीं- कलेक्टर बनकर करूंगी समाज की सेवा
IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022 : 12वीं टॉपर गीतांजलि देवांगन बोलीं- कलेक्टर बनकर करूंगी समाज की सेवा
IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022: Success Story of 12th Topper Geetanjali dewangan
रायपुर। IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022 : अपने सामाजिक सरोकारो को निभाते हुए IBC24 समाचार चैनल हर साल स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप सम्मान से जिले की टॉपर बेटियों को सम्मानित करता है। इस साल भी IBC24 समाचार चैनल की ओर से स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप दिया जा रहा है। IBC24 की ओर से दी जाने वाली स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप केवल टॉपर बेटियों को ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक संभाग के टॉपर बेटों को भी दी जाएगी। महासमुंद जिले की गीतांजलि देवांगन ने जिले का मान बढ़ाया है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं की परीक्षा में 463 अंक हासिल किया। गीतांजलि देवांगन ने शा. आत्मानंद हा. से. बागबहरा, महासमुंद में अपना पढ़ाई पूरी की है।
गीतांजलि ने कहा कि “पढ़ाई की अच्छी रणनीति ही आपको टॉपर बनाती है। इसे बीच-बीच में परखते रहना चाहिए। जब समय मिले पढ़ाई के साथ अपने शौक को भी जीना चाहिए।“
कलेक्टर बनकर करूंगी समाज की सेवाः गीतांजलि
गीतांजलि की जुबानी… मुझे उम्मीद और अधिक अंकों की थी। इसलिए रिवैल्युएशन की प्रोसेस की है। अंग्रेजी में मेरे अंक जितने मैंने सोचे थे उससे कम हैं। चूंकि जब हम पूरी ईमानदारी से पढ़ाई करते हैं तो हमारा विश्वास भी उतना ही ऊंचा होता है। यह होना ही चाहिए। यह विश्वास मैंने हासिल किया है अपनी स्टडी से। रोज 4 से 5 घंटों की पढ़ाई मेरे इस मुकाम की वजह है। हर विषय को पूरी संजीदगी से लिया। स्कूली शिक्षकों का पूरा साथ मिला। घर पर भी सबने मुझे सपोर्ट किया। किस विषय पर कितनी तैयारी की जरूरत है, यह तय किया। अपना वैल्युएशन करती रही। बीच-बीच में खुद को परखना जरूरी होता है। ताकि हमें पता चलता रहे कि हम कितने पानी में हैं। मेरे पापा फैब्रीकेशन की दुकान का संचालन करते हैं। मां गृहिणी हैं। मम्मी-पापा का पूरा सहयोग रहा। उन्होंने जो सपने देखें हैं उन्हें पूरा करना है। मेरा मन चूंकि पढ़ाई-लिखाई में ही अधिक लगता है, इसलिए अपना करियर इसी दिशा में बनाना चाहती हूं। फिलहाल रायपुर के डिग्री गर्ल्स कॉलेज से बीएससी में प्रवेश लिया है। साथ ही साथ यूपीएससी की तैयारी के लिए कोचिंग ज्वाइन की है। पढ़ाई की रणनीति में और समय बढ़ाया है। मैं चाहती हूं एक दिन जिला कलेक्टर बनूं। क्योंकि जिला कलेक्टर के पास लोगों का अच्छा करने का ज्यादा अवसर रहता है। मुझे पढ़ाई के अलावा खेलना, कूदना भी अच्छा लगता है। समय मिलते ही ड्रॉइंग, डांस को समय देती हूं। यह मेरे शौक हैं। आईबीसी-24 की स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप मुझे मददगार सिद्ध होगी।

Facebook


