IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022 : 12वीं टॉपर वर्षा देवांगन बोलीं- खेती में कुछ ऐसा करूं कि दुनिया के काम आए

IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022 : 12वीं टॉपर वर्षा देवांगन बोलीं- खेती में कुछ ऐसा करूं कि दुनिया के काम आए

IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022 : 12वीं टॉपर वर्षा देवांगन बोलीं- खेती में कुछ ऐसा करूं कि दुनिया के काम आए

IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022: Success Story of 12th Topper Varsha Dewangan

Modified Date: November 29, 2022 / 02:13 am IST
Published Date: July 7, 2022 1:54 am IST

रायपुर। IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022 : अपने सामाजिक सरोकारो को निभाते हुए IBC24 समाचार चैनल हर साल स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप सम्मान से जिले की टॉपर बेटियों को सम्मानित करता है। इस साल भी IBC24 समाचार चैनल की ओर से स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप दिया जा रहा है। IBC24 की ओर से दी जाने वाली स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप केवल टॉपर बेटियों को ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक संभाग के टॉपर बेटों को भी दी जाएगी। रायपुर जिले की वर्षा देवांगन ने जिले का मान बढ़ाया है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं की परीक्षा में 471 अंक हासिल किया। वर्षा देवांगन ने शिशु निकेतन इंग्लिश मीडियम हा. से. स्कूल, डब्ल्युआरएस में अपना पढ़ाई पूरी की है।

वर्षा देवांगन ने कहा कि “मैं अपना रोल मॉडल किसी को नहीं बनाती, क्योंकि मैं खुद ही खुद की रोल मॉडल बनना चाहती हूं। इतनी मेहनत करना चाहती हूं कि भाग्य भी हार जाए।“

वर्षा का सपना खेती के क्षेत्र में कुछ करूं ऐसा कि दुनिया के काम आए

वर्षा देवांगन की जुबानी.. मैं अपना कोई रोल मॉडल नहीं बनाती। मैं ऐसा करके दिखाऊंगी कि खुद ही खुद की रोल मॉडल बन सकूं। मेरे पापा और मम्मी प्रायवेट नौकरी करते हैं। मेरी पढ़ाई में कोई कमी न रहे इसके लिए मां बचे समय में सिलाई-कढ़ाई-बुनाई का काम भी करती हैं। किराए के घर में रहते हैं। मैं चाहती हूं खेती के क्षेत्र में कुछ बड़ा करूं। मैंने दसवीं बोर्ड में भी मेहनत में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। मेरा लक्ष्य था कि तब भी टॉपर बनूं, लेकिन उस वक्त संभवतः डेस्टिनी में नहीं था। अब लेकिन मेरे भाग्य ने भी मेहनत के सामने झुकना ठीक समझा। अगर मैं उस समय भाग्य के आगे हथियार डाल देती तो आज मैं टॉपर नहीं बन पाती। इसलिए हर कोई को अपना हौसला बनाए रखना चाहिए। मेरा दिल से मानना है कि कहीं आप पिछड़ जाते हो तो यह मानो कि आपको दोबारा से उतनी ही मेहनत करके फिर उठ खड़े होना है। मैंने पढ़ाई की बहुत करीने से नीति बनाई। हर विषय, टॉपिक को समझकर पढ़ा। अपने स्वास्थ्य का भी पूरा ख्याल रखा। मैं पढ़ाई सिर्फ तक सीमित नहीं रखना चाहती। इसलिए स्पोर्ट्स को मैंने अपनी हॉबी बना रखा है। खो-खो, कबड्डी के अलावा हैंडबॉल मेरे प्रिय खेल हैं। हैंडबॉल में तो मैं जिला स्तर तक खेल चुकी हूं। स्पोर्ट्स में मुझे कई सारे प्रोत्साहन मिले हैं। इनाम भी मिले हैं। इसलिए फोकस है कि पढ़ाई और खेल दोनों के बीच समन्वय बनाकर आगे बढ़ना है। आईबीसी-24 चैनल जरूर देखती हूं। मुझे इस बात का गर्व है कि प्रदेश की सबसे बड़ी स्कॉलरशिप स्कीम में मैं भी एक हूं।


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