Mangal Pandey Birthday: वो क्रांतिकारी थे मंगल पांडे जिससे थर्रा गए थे अंग्रेज़, डरकर 10 दिन पहले ही दे दी थी फांसी

Mangal Pandey Birthday: वो क्रांतिकारी थे मंगल पांडे जिससे थर्रा गए थे अंग्रेज़, डरकर 10 दिन पहले ही दे दी थी फांसी

Mangal Pandey Birthday: वो क्रांतिकारी थे मंगल पांडे जिससे थर्रा गए थे अंग्रेज़, डरकर 10 दिन पहले ही दे दी थी फांसी
Modified Date: July 19, 2023 / 08:43 am IST
Published Date: July 19, 2023 8:43 am IST

नई दिल्ली। Mangal Pandey Birthday अंग्रेजों की लंबी गुलामी के बाद 15 अगस्त 1947 भारत आजाद हुआ। इस आजादी के लिए भारत को कई वर्षों तक लड़ाई की संघर्ष करना पड़ा। अंग्रेजों के हूकूमत के खिलाफ सबसे पहले 1857 में बिगुल फूंकी गई और इसे अंजाम को मंगल पांडे ने दिया था। मंगल पांडे का जन्म 1827 में यूपी के बलिया जिले में हुआ था। मंगल पांडे एक ऐसे क्रांतिकारी थे, जिसके नाम से अंग्रेज थर्राते थे। जिन्होंने 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ बैरकपुर में विद्रोह कर क्रांति शुरू की थी. जिन्हें अंग्रेजों ने डरकर 10 दिन पहले ही फांसी दे दी थी। मंगल पांडे ने 1857 में भारत के पहले स्वाधीनता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

Read More: बैंगलोर में विपक्षी दलों की बैठक के बाद जुबानी हमले तेज, मंत्री गोविंद सिंह ने निशाना साधते हुए कही ये बात 

Mangal Pandey Birthday मंगल पांडे का जन्म 19 जुलाई, 1827 को उत्तर प्रदेश के फैजाबाद के पास एक कस्बे में एक कुलीन ब्राह्मण परिवार में हुआ था। 1849 में, पांडे ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में शामिल हो गए और बैरकपुर में 34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री की 6वीं कंपनी में एक सिपाही के रूप में कार्य किया। बैरकपुर में रहते हुए, ऐसा माना जाता है कि अंग्रेजों ने एक नए प्रकार की एनफील्ड राइफल पेश की थी, कथित तौर पर इस राइफल की कारतूस में गाय और सुअर की चर्बी मिली होती थी। इस कारतूस को चलाने के लिए मुंह से काटकर राइफल में लोड करना होता था, जोकि भारतीय सैनिकों को मंजूर नहीं था। आखिरकार इसी के विरोध में मंगल पांडे ने 29 मार्च 1857 को विद्रोह कर दिया।

Read More: Petrol-Diesel Prices: जनता को मिली बड़ी राहत! इन राज्यों में सस्ता हुआ पेट्रोल-डीजल, यहां चेक करें नए रेट… 

29 मार्च 1857 को अंग्रेजों के खिलाफ आवाज उठाई

29 मार्च, 1857 को पांडे ने अपने साथी सिपाहियों को अंग्रेजों के खिलाफ उठने के लिए उकसाने का प्रयास किया। उसने उनमें से दो अधिकारियों पर हमला किया और जब उसे रोका गया, तो उसने खुद को गोली मारने का प्रयास किया। हालांकि, अंततः उस पर काबू पा लिया गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

Read More: आतंकवादियों ने मजदूरों को मारी गोली, पुलिस ने की इलाके में घेराबंदी 

1984 में भारत सरकार ने सम्मान में डॉक टिकट जारी किया था

मंगल पांडे अब हमारे बीच में नहीं हैं, मगर उनका नाम भारतीय इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों से दर्ज है. उनके साहस की कहानी हमेशा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी. इस अमर सपूत के सम्मान में भारत सरकार ने 1984 में एक खास डॉक टिकट जारी किया था. मंगल पांडे के जीवन पर आधारित एक फिल्म भी बन चुकी है. 2005 में ‘मंगल पांडे- द राइजिंग’ नाम की यह फिल्म रिलीज हुई थी

IBC24 की अन्य बड़ी खबरों के लिए यहां क्लिक करें


लेखक के बारे में

IBC24 डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं, जहां मेरी जिम्मेदारी मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति सहित प्रमुख विषयों की खबरों की कवरेज और प्रस्तुति है। वर्ष 2016 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हूं और अब तक 10 वर्षों का अनुभव प्राप्त किया है। विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए न्यूज़ राइटिंग और डिजिटल टूल्स में दक्षता हासिल की है। मेरे लिए पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है—सटीक, तेज और असरदार जानकारी पाठकों तक पहुंचाना मेरा लक्ष्य है। बदलते डिजिटल दौर में खुद को लगातार अपडेट कर, कंटेंट की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।