MP Trainee Employees Salary News: इन सरकारी कर्मचारियों को मिलेगी 100% सैलरी!.. कोर्ट के बाद आज कैबिनेट में भी होगा बड़ा फैसला!..
जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस दीपक खोट की डिवीजन बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार के द्वारा जब कर्मचारियों से 100 प्रतिशत काम लिया जा रहा है, तो प्रोबेशन के नाम पर सैलरी में कटौती ठीक नहीं है।
Probationary Period Government Employee Salary Hike || Image- IBC24 News File
- कैबिनेट बैठक में वेतन पर बड़ा फैसला
- प्रोबेशन कर्मचारियों को 100% सैलरी संभव
- हाईकोर्ट आदेश के बाद उम्मीदें बढ़ीं
भोपाल: मोहन सरकार की कैबिनेट बैठक आज आयोजित की जाएगी। यह बैठक मंत्रालय में शाम 4 बजे शुरू होगी। (Probationary Period Government Employee Salary Hike) बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है, जिनमें परिवीक्षा अवधि में कार्यरत शासकीय कर्मचारियों से जुड़ा महत्वपूर्ण फैसला भी शामिल हो सकता है।
हजारों कर्मचारियों को सीधा लाभ
सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट बैठक में कोर्ट के आदेश के बाद परिवीक्षा अवधि वाले शासकीय कर्मचारियों को 100 फीसदी वेतन देने के प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो लंबे समय से इंतजार कर रहे हजारों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
बता दें कि, अब तक परिवीक्षा अवधि के दौरान शासकीय कर्मचारियों को निर्धारित प्रतिशत के अनुसार वेतन दिया जाता रहा है। हाल ही में न्यायालय के आदेश के बाद इस व्यवस्था में बदलाव की संभावना बनी है, जिसके तहत पूर्ण वेतन देने का प्रावधान लागू किया जा सकता है। कैबिनेट बैठक में अन्य नीतिगत और विकास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। (Probationary Period Government Employee Salary Hike) हालांकि, परिवीक्षाधीन कर्मचारियों से संबंधित प्रस्ताव को लेकर सरकारी कर्मचारियों और संगठनों की नजरें आज की बैठक पर टिकी हुई हैं।
क्या था कोर्ट का आदेश?
गौरतलब है कि, इसी महीने जबलपुर हाईकोर्ट ने मध्यप्रदेश के हजारों सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत दी थी। हाईकोर्ट के द्वारा प्रोबेशन पीरियड में काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन में कटौती को अवैध बताते हुए आदेश जारी करते हुए कहा था कि जिन कर्मचारियों का वेतन काटा गया है। उस राशि को एरियर सहित वापस किया जाए। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के द्वारा 12 दिसंबर 2019 को जारी सर्कुलर को रद्द कर दिया था। जीएडी के द्वारा पहले नई भर्तियों में 70%, दूसरे वर्ष 80 प्रतिशत और तीसरे साल 90 प्रतिशत वेतन देने का प्रावधान किया गया था।
जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस दीपक खोट की डिवीजन बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार के द्वारा जब कर्मचारियों से 100 प्रतिशत काम लिया जा रहा है, तो प्रोबेशन के नाम पर सैलरी में कटौती ठीक नहीं है। (Probationary Period Government Employee Salary Hike) कोर्ट के द्वारा स्पष्ट किया गया कि प्रोबेशन पीरियड में समान रूप से काम के लिए समान वेतन का सिद्दांत है। जो कि पूरी तरह लागू होगा और काम पूरा करने पर पूरा वेतन देना अनिवार्य है।
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