Afghanistan Girls Education Ban: लड़कियों की पढ़ाई पर हमेशा के लिए ‘बैन’, खुद शिक्षा मंत्री ने किया बड़ा ऐलान, यूनेस्को पहले ही दे चुका है ये चेतावनी
Afghanistan Girls Education Ban: अफगानिस्तान की सत्ता में तालिबान की वापसी के तीन साल बाद इस देश में महिलाओं की शिक्षा पर अब हमेशा के लिए प्रतिबंध लग गया है।
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- तालिबान ने लड़कियों की शिक्षा बंद की
- 14 लाख लड़कियों से स्कूल छीना
- यूनिवर्सिटी और सेकेंडरी स्कूल पर बैन
काबुल: अफगानिस्तान की सत्ता में तालिबान की वापसी के तीन साल बाद इस देश में महिलाओं की शिक्षा पर अब हमेशा के लिए प्रतिबंध लग गया है। अफगानिस्तान के शिक्षा मंत्री ने घोषणा की है कि अब लड़कियों को सेकेंडरी स्कूल और यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने की अनुमति नहीं होगी।
अफ़गानिस्तान के शिक्षा मंत्री ने घोषणा की है कि महिलाओं के स्कूल जाने पर हमेशा के लिए बैन लगा दिया गया है।pic.twitter.com/kajhMVsbxd
— Umashankar Singh उमाशंकर सिंह (@umashankarsingh) January 26, 2026
Afghanistan Girls Education Ban: 14 लाख लड़कियों से शिक्षा का अधिकार छीना गया
बताते चलें कि, साल 2021 में तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद से अब तक अफगानिस्तान में कम से कम 14 लाख लड़कियों से स्कूल जाने का अधिकार छीन लिया गया है। पिछले साल की तुलना में यह संख्या इस साल लगभग 3 लाख ज्यादा हुई है। संयुक्त राष्ट्र की कल्चरल एजेंसी यूनेस्को ने चेताया है कि इससे अफगानिस्तान में एक पूरी पीढ़ी का भविष्य गंभीर खतरे में पड़ गया है।
यूनेस्को की रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले तीन साल में 11 लाख से ज्यादा लड़के-लड़कियां स्कूल जाना छोड़ चुके हैं। यह गिरावट शिक्षा क्षेत्र में पहले से मौजूद असमानताओं को और बढ़ाएगी और समाज में चाइल्ड लेबर और बाल विवाह के मामलों में भी इजाफा होने की संभावना है।
Afghanistan Taliban: तालिबान का शिक्षा पर असर
यूनेस्को ने बताया कि तालिबान ने पिछले तीन सालों में शिक्षा क्षेत्र में विकास को पूरी तरह से रोक दिया है। अफगानिस्तान में पिछले 20 सालों में शिक्षा का क्षेत्र अच्छी गति से बढ़ रहा था, लेकिन तालिबान ने इसे पूरी तरह से बाधित कर दिया। देश में लगभग ढाई लाख लड़कियों को अब भी शिक्षा का अधिकार नहीं मिल रहा।
अफगानिस्तान अब दुनिया का अकेला ऐसा देश बन गया है जहां लड़कियों को सेकेंडरी स्कूल और यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने की अनुमति नहीं है। तालिबान प्रशासन को दुनिया के किसी भी देश से मान्यता नहीं मिली है। इसके लगाए गए प्रतिबंधों को संयुक्त राष्ट्र ने लैंगिक भेदभाव करार दिया है।
Afghanistan Population: सामाजिक और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव
यूनेस्को ने चेतावनी दी है कि शिक्षा से वंचित बच्चों का भविष्य गंभीर रूप से प्रभावित होगा। इससे युवाओं में रोजगार की संभावना कम होगी और देश में गरीबी और असमानता बढ़ सकती है। शिक्षा पर प्रतिबंध का असर न केवल महिलाओं पर है, बल्कि पूरे समाज की आर्थिक और सामाजिक प्रगति पर पड़ेगा।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार तालिबान से लड़कियों को शिक्षा का अधिकार दिलाने की अपील कर रहा है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि अगर यह स्थिति जारी रही तो अफगानिस्तान की आने वाली पीढ़ी का भविष्य पूरी तरह खतरे में पड़ जाएगा।
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