Budget 2026 Mega Textile Park: कपड़ा उद्योग के लिए क्या है मोदी सरकार के पिटारे में ?.. जानें किन राज्यों में होगा मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना

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Budget 2026 Mega Textile Park: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए भारत का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया था। बजट से पहले आर्थिक सर्वेक्षण पेश करना, भविष्य की राजकोषीय योजनाओं का विवरण देने से पहले अर्थव्यवस्था की स्थिति का संक्षिप्त विवरण देने की पुरानी परंपरा रही है।

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  • Publish Date - February 1, 2026 / 01:33 PM IST,
    Updated On - February 1, 2026 / 01:33 PM IST

Budget 2026 Mega Textile Park || Image- Symbolic (Canva)

HIGHLIGHTS
  • कपड़ा उद्योग के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना
  • समर्थ 2.0 और मेगा टेक्सटाइल पार्क
  • बुनकरों-कारीगरों को मिलेगा सीधा लाभ

Budget 2026 Mega Textile Park: नई दिल्ली: मोदी सरकार ने अपना वार्षिक केंद्रीय बजट पेश कर दिया है। यह बजट लगातार नौंवी बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया है। बजट में अलग-अलग सेक्टर के लिए कई बड़े ऐलान किये गए। आइये जानते है किस क्षेत्र को इस बजट में क्या मिला।

कपड़ा उद्योग के लिए बड़ा ऐलान

वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण के दौरान बताया कि, रेशम ऊन और जूट से जुड़े फाइबरों में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना लाई जाएगी। पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकर के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना आएगी। बुनकरों और कारीगरों की मदद के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम लाए जाएंगे।

वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी और परिधाओं को बढ़ावा देने के लिए टैक्स-इको पहल उनकी योजनाओं में शामिल है। इसी तरह वस्त्र कौशल परिवेश के आधुनिकीकरण और उन्नयन के लिए समर्थ 2.0 का एलान भी किया गया है जबकि मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव भी बजट में शामिल किया गया है।

इसी तरह सरकार ने महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा है। उन्होंने बताया कि, देश में हथकरघा उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने की जरूरत है। यह प्रशिक्षण कौशल और उत्पादन गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा साथ ही योजना से एक जिला-एक उत्पाद पहल और ग्रामीण युवाओं को लाभ मिलेगा।

तीन राज्यों में खनन गलियारे का ऐलान

Budget 2026 Mega Textile Park: इसी तरह वित्तमंत्री ने बड़ा करते हुए देश के तीन राज्य छत्तीसगढ़, ओडिशा और केरल को बड़ी सौगात दी है। वित्तमंत्री ने इन तीनो ही राज्यों के लिए खनन गलियारे का ऐलान किया है।

छत्तीसगढ़ माइनिंग कॉरिडोर के मायने क्या हैं?

यहां पहले से तीन रेल कॉरिडोर का काम चल रहा है। जो मुख्यतः खनिजों के परिवहन को ध्यान रखकर ही बनाए हुए हैं। इस 458 किलोमीटर के कॉरिडोर को माइनिंग कॉरिडोर सपोर्ट करेगा। इसमें जो सबसे नयी और महत्वपूर्ण बात है वह है कि रायपुर-विशाखापट्टनम में अभी जो 6 लेन इकॉनामिक कॉरिडोर बना है, उससे दंतेवाड़ा-कांकेर और कांकेर से लगी राजनांदगांव जिले की खदानों से आयरन ओर विशाखापट्टनम बंदरगाह तक पहुंचाया जाएगा। प्रारंभिक तौर पर इस माइनिंग कॉरिडोर में शामिल होने वाले जिले होंगे, कोरबा, रायगढ़, सरगुजा, कोरिया ( यहां कोयले का सबसे बड़ा भंडार और गेवरा-कुसमुंडा जैसी दुनिया की बड़ी खदानें हैं) आयरन ओऱ के भंडार वाले जिले कांकेर, दंतेवाड़ा और राजनांदगांव दंतेवाड़ा में बैलाडीला जैसी बड़ी खदान स्थित है।

कैंसर की दवाएं सस्ती

Budget 2026 Mega Textile Park: निर्मला सीतारमण ने हेल्थ और मेडिकल सेक्टर के लिए कई बड़े ऐलान किये है। वित्त मंत्री ने ऐलान किया है कि कैंसर से जुड़ी 17 दवाओं में छूट दी जाएगी। इसी तरह सात और जो दुर्लभ बीमारियों की दवाओं में, खास मेडिकल पर्पज के लिए उसके आयात में छूट मिलेगी।

इसी तरह हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए बजट में सीतारमण ने 3 नए आयुर्वेदिक एम्स बनाने की घोषणा की। नेशनल इंस्टीट्‍यूट ऑफ हास्पीटिलिटी की स्थापना भी होगी। सीतारमण ने बजट में 5 क्षेत्रिय मेडिकल हब बनाने का भी एलान किया। उन्होंने अपने बजट भाषण में कहा कि बायो फॉर्मा के लिए 10 हजार करोड़ दिए जाएंगे। लोगों को शूगर और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए सस्ती दवाएं देंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि बुजुर्गों की देखभाल के लिए मेडिकल सहायता देंगे। डेढ़ लाख सेवाकर्ताओं की बहाली होगी। उन्होंने मेडिकल वैल्यू टूरिज्म के लिए खास स्कीम का भी ऐलान किया।

इनकम टैक्स पर क्या हुआ बड़ा ऐलान?

इसी तरह सरकार ने छोटे करदाताओं और निवेशकों को राहत देते हुए इनकम टैक्स प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई बड़े फैसलों का ऐलान किया है। इन बदलावों का मकसद टैक्स अनुपालन को सरल बनाना और करदाताओं की परेशानियां कम करना है।

कम या शून्य TDS के लिए ऑटोमैटिक सिस्टम

Budget 2026 Mega Textile Park: अब कम या शून्य TDS सर्टिफिकेट के लिए करदाताओं को असेसिंग ऑफिसर के पास आवेदन देने की जरूरत नहीं होगी। इसके लिए एक ऑटोमैटिक, रूल-बेस्ड सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे छोटे करदाताओं को बड़ी राहत मिलेगी और टैक्स प्रक्रिया और सरल होगी।

निवेशकों को बड़ी सुविधा

निवेशकों के लिए डिपॉजिटरी अब Form 15G और Form 15H स्वीकार करेंगी। ये फॉर्म सीधे संबंधित कंपनियों को भेजे जाएंगे। इससे उन निवेशकों को खास फायदा होगा, जिनके पास कई कंपनियों की सिक्योरिटीज़ हैं और जिन्हें बार-बार फॉर्म जमा करने की जरूरत पड़ती थी।

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