IAS Officer Suspended News: पूर्व कलेक्टर सस्पेंड, ED ने इस मामले में किया था गिरफ्तार, तीन और लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

IAS Officer Suspended News: मोरी पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया और आवेदनों को जल्द मंजूरी देने के लिए आवेदकों से रिश्वत ली। ईडी ने पहले कहा था कि रिश्वत की राशि प्रति वर्ग मीटर के आधार पर तय की गई थी।

IAS Officer Suspended News: पूर्व कलेक्टर सस्पेंड, ED ने इस मामले में किया था गिरफ्तार, तीन और लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

IAS Officer Suspended News || Image- ANI File

Modified Date: January 5, 2026 / 07:28 am IST
Published Date: January 5, 2026 6:57 am IST
HIGHLIGHTS
  • ED गिरफ्तारी के बाद IAS अफसर सस्पेंड
  • PMLA के तहत धनशोधन जांच
  • तीन अन्य आरोपियों पर FIR दर्ज

IAS Officer Suspended News: अहमदाबाद: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 2015 बैच के अधिकारी और गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के पूर्व जिलाधिकारी राजेंद्रकुमार पटेल को सस्पेंड कर दिया है। इससे पहले रिश्वतखोरी से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के सिलसिले में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। अधिकारी ने बताया था कि, “ईडी ने रिश्वतखोरी से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के सिलसिले में पटेल को गिरफ्तार किया है।”

पीएमएलए कानून के तहत जारी है कार्रवाई

पटेल को एक हफ्ते पहले उस समय बिना किसी नयी तैनाती के स्थानांतरित कर दिया गया था, जब ईडी ने उनके कार्यालय में कार्यरत एक उप मामलतदार (राजस्व अधिकारी) को रिश्वतखोरी से जुड़े धन शोधन मामले में गिरफ्तार किया था। ईडी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज होने के बाद उप मामलातदार चंद्रसिंह मोरी और अन्य लोगों के खिलाफ कथित धन शोधन मामले की जांच कर रही है। गुजरात भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो ने भी धन शोधन जांच के सिलसिले में ईडी की शिकायत पर पटेल और तीन अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

जल्द मंजूरी के लिए ली थी रिश्वत

IAS Officer Suspended News: उप मामलातदार के रूप में, मोरी को सौराष्ट्र घरखेड़ किरायेदारी बंदोबस्त और कृषि भूमि अध्यादेश 1949 के तहत मालिकाना हक के सत्यापन और भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) से जुड़े आवेदनों के निपटारे का काम सौंपा गया था। मोरी पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया और आवेदनों को जल्द मंजूरी देने के लिए आवेदकों से रिश्वत ली। ईडी ने पहले कहा था कि रिश्वत की राशि प्रति वर्ग मीटर के आधार पर तय की गई थी।

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