राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को मंजूरी देने से पहले शत प्रतिशत भूमि अधिग्रहण हो: गडकरी

राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को मंजूरी देने से पहले शत प्रतिशत भूमि अधिग्रहण हो: गडकरी

राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को मंजूरी देने से पहले शत प्रतिशत भूमि अधिग्रहण हो: गडकरी
Modified Date: April 10, 2026 / 04:30 pm IST
Published Date: April 10, 2026 4:30 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, 10 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि किसी भी नए राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना को मंजूरी देने से पहले उसके लिए शत प्रतिशत भूमि अधिग्रहण होना चाहिए क्योंकि ऐसा न होने पर यह सड़क निर्माण में एक बड़ी बाधा बनता है।

‘विकसित भारत 2047’ पर आयोजित 17वें सीआईडीसी विश्वकर्मा पुरस्कार एवं प्रदर्शनी कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि राजमार्ग मंत्रालय के पास 15 लाख करोड़ रुपये मूल्य की राजमार्ग परिसंपत्तियां हैं जिनका मौद्रीकरण किया जा सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘ भूमि अधिग्रहण, वन एवं पर्यावरण मंजूरी राजमार्ग परियोजनाओं के समक्ष पेश होने वाली बड़ी समस्याएं हैं। हमने यह अनिवार्य किया था कि 90 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण के बिना कोई नई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना शुरू नहीं होगी। अब मेरा मानना है कि 100 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण के बिना नई परियोजनाओं के लिए ‘अपॉइंटेड डेट’ नहीं दी जानी चाहिए।’’

‘अपॉइंटेड डेट’ राजमार्ग परियोजनाओं के लिए औपचारिक शुरुआत की तारीख होती है जो यह संकेत देती है कि निर्माण शुरू करने के लिए भूमि अधिग्रहण एवं आवश्यक मंजूरियां पूर्णत: पूरी हो चुकी हैं।

गडकरी ने एकबार फिर दोहराया कि राजमार्ग निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने वाले सलाहकार ही सड़कों की खराब हालात के असली जिम्मेदार हैं।

मंत्री ने सुझाव दिया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के सेवानिवृत्त अधिकारी अपने अनुभव का इस्तेमाल कर डीपीआर तैयार करने के लिए कंपनियां शुरू कर सकते हैं।

विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) किसी सड़क निर्माण परियोजना की विस्तृत रूपरेखा होती है जिसमें उसके क्रियान्वयन के लिए आवश्यक तकनीकी, वित्तीय और लॉजिस्टिक विवरण शामिल होते हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि निर्माण उद्योग में काफी संभावनाएं हैं और इसे गुणवत्ता से समझौता किए बिना निर्माण लागत कम करने की दिशा में काम करना चाहिए।

भाषा निहारिका रमण

रमण


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