Gwalior PNG Connection News : अब नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर! 3 महीने बाद रसोई में आएगा ये बड़ा बदलाव, 90 दिन की डेडलाइन से पहले कर लें ये काम

ग्वालियर में प्रशासन ने पीएनजी कनेक्शन को अनिवार्य बनाने का फैसला लिया है, जिसके चलते कई इलाकों में एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई बंद हो सकती है।

Gwalior PNG Connection News : अब नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर! 3 महीने बाद रसोई में आएगा ये बड़ा बदलाव, 90 दिन की डेडलाइन से पहले कर लें ये काम

Gwalior PNG Connection News / Image Source : AI GENERATED


Reported By: Nasir Gouri,
Modified Date: April 10, 2026 / 04:51 pm IST
Published Date: April 10, 2026 4:46 pm IST
HIGHLIGHTS
  • 90 दिनों में 400 मल्टियों में PNG कनेक्शन अनिवार्य।
  • पाइपलाइन वाले क्षेत्रों में LPG सिलेंडर सप्लाई बंद होगी।
  • कनेक्शन के लिए पैसे जमा करने वाले लोग अभी भी इंतजार में।

ग्वालियर : Gwalior PNG Connection News  मध्य प्रदेश के ग्वालियर वासियों के लिए एक बहुत बड़ी और ज़रूरी खबर! अगर आप शहर के पॉश इलाकों या बड़ी मल्टियों में रहते हैं, तो अगले तीन महीने में आपकी रसोई से एलपीजी सिलेंडर विदा हो सकता है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिन इलाकों में पीएनजी यानी पाइप नेचुरल गैस पहुँच चुकी है, वहाँ अब सिलेंडर की सप्लाई नहीं होगी। वहीं दूसरी ओर ऐसी भी कॉलोनियां हैं, जो कनेक्शन के लिए काफी पहले आवेदन कर चुकी हैं, लेकिन उन्हें अब तक कनेक्शन नहीं मिला है।

मिडिल ईस्ट तनाव का असर

ग्वालियर जिला प्रशासन ईरान-अमेरिका तनाव की वजह से देश में पैदा हुए एलपीजी संकट के बाद पीएनजी कनेक्शन पर अधिक जोर दे रहा है। कलेक्टर के नए आदेश के मुताबिक, अगले 90 दिनों के भीतर शहर की 400 बड़ी मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग्स को अनिवार्य रूप से पीएनजी कनेक्शन से जोड़ा जाएगा। लक्ष्य साफ है—जहाँ पाइपलाइन है, वहाँ सिलेंडर का खेल खत्म। प्रशासन का मानना है कि इससे न केवल हादसों का डर कम होगा, बल्कि उपभोक्ताओं को सस्ती गैस भी मिलेगी।

सालों पहले जमा किया पैसा, फिर भी नहीं मिला गैस कनेक्शन

इस फैसले का दूसरा पहलू भी है। ग्वालियर शहर के कई इलाकों के लोग परेशान हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने सालों पहले कनेक्शन के लिए पैसे जमा कर दिए थे, लेकिन गैस कंपनी ने आज तक कनेक्शन नहीं दिया। लोगों का सवाल है कि अगर कंपनी समय पर कनेक्शन नहीं देती, तो क्या उन्हें बिना ईंधन के रहना होगा? एक निवासी ने बताया, “हमने दो साल पहले साढ़े पांच हजार रुपये जमा किए थे। LPG Cylinder Ban Gwalior कई बार चक्कर काटे, लेकिन आज तक लाइन नहीं जुड़ी। अब प्रशासन कह रहा है कि सिलेंडर भी नहीं मिलेगा, तो हम खाना कैसे बनाएंगे?”

कलेक्टर का दावा—व्यवस्था को किया जा रहा सुव्यवस्थित

बहरहाल, कलेक्टर का दावा है कि “हमारा उद्देश्य व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना है। हमने कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि जहाँ इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार है, वहाँ तुरंत कनेक्शन दें। मल्टियों में पीएनजी अनिवार्य की जा रही है, ताकि सुरक्षा और सुविधा दोनों सुनिश्चित हो सके।” कुल मिलाकर साफ है कि ग्वालियर अब गैस सिलेंडर मुक्त शहर बनने की ओर कदम बढ़ा रहा है, लेकिन चुनौती उन हजारों आवेदकों की है, जिन्होंने सालों पहले कनेक्शन के लिए आवेदन किया, लेकिन अभी तक उन्हें कनेक्शन नहीं मिला है। अब देखना होगा कि क्या प्रशासन गैस कंपनियों पर इतनी सख्ती कर पाता है कि तीन महीने में हर घर तक पाइपलाइन पहुँच जाए।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism & Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..