त्योहारों के चलते दूसरी छमाही में 2-2.5 लाख नौकरियां सृजित होने की संभावना: रिपोर्ट
त्योहारों के चलते दूसरी छमाही में 2-2.5 लाख नौकरियां सृजित होने की संभावना: रिपोर्ट
मुंबई, 19 सितंबर (भाषा) भारत में जुलाई से दिसंबर 2026 के दौरान दो से 2.5 लाख मौसमी और ‘गिग’ नौकरियां पैदा होने की संभावना है और त्योहारों के दौरान नियुक्तियों में 15-20 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। वैश्विक प्रौद्योगिकी एवं डिजिटल टैलेंट समाधान प्रदाता एनएलबी सर्विसेज की एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है।
ई-कॉमर्स जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले अस्थायी कर्मियों को ‘गिग’ कहा जाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, देश में त्योहारी सत्र शुरू होने के साथ ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, खुदरा, लॉजिस्टिक्स, आतिथ्य, यात्रा और उपभोक्ता सेवाओं से जुड़े कारोबार साल के सबसे व्यस्त मांग वाले दौर के लिए तैयारी कर रहे हैं।
एनएलबी सर्विसेज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं एपीएसी प्रमुख वरुण सचदेवा ने कहा, ‘‘त्योहारों का दौर भारत के कार्यबल के लिए एक तरह की परीक्षा का समय बनता जा रहा है। नियोक्ता पहले से भर्ती शुरू कर रहे हैं और पारंपरिक रोजगार केंद्रों से आगे बढ़कर तकनीक आधारित, मजबूत और तुरंत काम पर लगाए जा सकने वाले कर्मचारियों पर अधिक निर्भर हो रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘त्योहारों के दौरान मांग को पूरा करने के लिए होने वाली भर्ती अब केवल अल्पकालिक जरूरत नहीं रह गई है, बल्कि नए प्रतिभा समूहों तक पहुंचने, बड़े स्तर पर उनकी क्षमता परखने और दीर्घकालिक रोजगार के अवसर तैयार करने का जरिया भी बन रही है।’’
रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियां त्योहारों के दौरान बढ़ती मांग से करीब 12-14 सप्ताह पहले ही कार्यबल की अपनी जरूरत की योजना बनाना शुरू कर देती हैं। इससे उन्हें पहले से प्रतिभा समूह तैयार करने और कम समय में होने वाली भर्ती का दबाव घटाने में मदद मिलती है।
त्योहारों के दौरान भर्ती का दायरा भौगोलिक रूप से भी बढ़ रहा है। कुल त्योहारी भर्ती मांग में से करीब 45 प्रतिशत हिस्सेदारी दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों से रहने की उम्मीद है, जबकि इन बाजारों में भर्ती 25-30 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है।
ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, संगठित खुदरा और क्षेत्रीय ऑर्डर पूर्ति नेटवर्क के विस्तार से जयपुर, लखनऊ, इंदौर, सूरत, नागपुर, भुवनेश्वर, कोयंबटूर, चंडीगढ़ और कोच्चि जैसे शहरों में रोजगार की मांग बढ़ रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, त्योहारों के दौरान पहली बार काम करने वाले युवा और महिलाएं महत्वपूर्ण प्रतिभा समूह के रूप में उभर रहे हैं।
भाषा यासिर पाण्डेय
पाण्डेय

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