8th Pay Commission Formed: इस राज्य की BJP सरकार ने किया 8th Pay Commission का गठन, सरकारी कर्मियों के लिए बड़ी खुशखबरी.. इन्हें बनाया अध्यक्ष

8th Pay Commission Formed Assam State: असम सरकार ने 8वें वेतन आयोग का गठन किया, सुभाष चंद्र दास को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

8th Pay Commission Formed: इस राज्य की BJP सरकार ने किया 8th Pay Commission का गठन, सरकारी कर्मियों के लिए बड़ी खुशखबरी.. इन्हें बनाया अध्यक्ष

8th Pay Commission Formed Assam State || Image- Symbolic (Canva)

Modified Date: February 24, 2026 / 03:52 pm IST
Published Date: February 24, 2026 3:51 pm IST
HIGHLIGHTS
  • 8वें वेतन आयोग का गठन
  • सुभाष चंद्र दास बने अध्यक्ष
  • आयोग को 18 महीने में रिपोर्ट देनी होगी

गुवाहाटी: हिमंता बिस्वा सरमा की अगुवाई वाली असम सरकार ने 8वें असम वेतन आयोग, 2026 का गठन कर दिया है। सरकार ने सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुभाष चंद्र दास को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। (8th Pay Commission Formed Assam State) आयोग का मुख्यालय गुवाहाटी में होगा और इसे गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी होगी।

इन अफसरों को आयोग में किया गया शामिल

राज्य के वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, वित्त विभाग के सचिव आयोग के सदस्य सचिव होंगे। अन्य सदस्यों में कार्मिक विभाग, एआरटीपीपीजी विभाग, वित्त विभाग और न्यायिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं। इसके अलावा वित्त (बजट) विभाग के विशेष निदेशक या नामित अधिकारी तथा गौहाटी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रतुल महंत भी आयोग के सदस्य बनाए गए हैं।

कौन नहीं आएगा 8वां वेतनमान के दायरे में?

सरकारी आदेश में साफ कहा गया है कि आयोग राज्य कर्मचारियों के वेतन ढांचे और सेवा शर्तों की समीक्षा करेगा। हालांकि अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारी, यूजीसी/एआईसीटीई वेतनमान पाने वाले कॉलेजों के शिक्षक और शेट्टी आयोग के अनुसार वेतन पाने वाले न्यायिक अधिकारी इसके दायरे में नहीं आएंगे।

आयोग वेतन ढांचे के पुराने विकास, राज्य की आर्थिक स्थिति, राजस्व संसाधनों और भविष्य की वित्तीय योजना को ध्यान में रखकर सिफारिशें देगा। (8th Pay Commission Formed Assam State) साथ ही 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें (जब आएंगी) और असम राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम, 2005 के प्रावधानों को भी ध्यान में रखा जाएगा। आयोग यह भी देखेगा कि वेतन बढ़ाने से राज्य की आर्थिक स्थिति पर कितना असर पड़ेगा और जरूरत होने पर चरणबद्ध तरीके से लागू करने का सुझाव देगा।

सरकार का कहना है कि 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 अप्रैल 2016 से लागू हैं और अब व्यापक समीक्षा की जरूरत है। सरकार प्रशासनिक सुधार, डिजिटल तकनीक के उपयोग, मानव संसाधन प्रबंधन और कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। इसके तहत भविष्य में वेतन और प्रोत्साहन साफ और मापने योग्य मानकों से जुड़े होंगे, ताकि वित्तीय अनुशासन और बेहतर सेवा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

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