(8th Pay Commission Update/ Image Credit: AI-generated)
नई दिल्ली: 8th Pay Commission Update: केंद्र सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों की नजर 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission Update) पर टिकी हुई है। आयोग वेतन, पेंशन और भत्तों से जुड़े मुद्दों पर कर्मचारी व पेंशनर संगठनों से सुझाव ले रहा है। 3 नवंबर 2025 को गठित आयोग को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। आयोग की अध्यक्षता न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में कर्मचारी संगठनों के साथ बैठकें भी की जा रही है।
आयोग के सामने कर्मचारियों ने फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने और वेतन में संशोधन (8th Pay Commission Update) की मांग रखी है। इसके अलावा अलग-अलग भत्तों में बदलाव और पेंशन व्यवस्था को बेहतर बनाने के सुझाव भी दिए गए हैं। सितंबर में आयोग की पुडुचेरी और चंडीगढ़ में बैठकें हुईं। वहीं अक्टूबर में बेंगलुरु में भी बैठक प्रस्तावित है। इन बैठकों में कर्मचारी और पेंशनर्स संगठनों ने अपनी-अपनी मांगें और समस्याएं आयोग के सामने रखी है।
8वें वेतन आयोग के सामने पुरानी पेंशन योजना यानी OPS का मुद्दा भी प्रमुखता (8th Pay Commission Update) से उठाया गया है। कई कर्मचारी संगठन का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को निश्चित और बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिले। सर्वे ऑफ इंडिया की MSA ने OPS को फिर से लागू करने की मांग की है। संगठन ने अंतिम वेतन के 50 फीसदी के बराबर गारंटीड पेंशन देने का भी सुझाव दिया है। वहीं फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल आर्गेनाइजेशन ने NPS और UPS से जुड़े कर्मचारियों को भी परिभाषित लाभ वाली पेंशन व्यवस्था में शामिल करने की मांग की है।
रेलवे सीनियर सिटीजंस सोसाइटी समेत अन्य संगठनों ने भी न्यूनतम गारंटीड पेंशन बढ़ाने और रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने की मांग रखी है। आयोग इन सभी मांगों और सुझावों का अध्ययन करने के बाद अपनी सिफारिशें तैयार करेगा। इसके बाद रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगी। मौजूदा यानी 18 महीने की समयसीमा के अनुसार 8वें वेतन आयोग की अंतिम रिपोर्ट मई-जून 2027 के आसपास आने की उम्मीद है।