प्रवर्तकों ने 2.15 अरब डॉलर का कर्ज लौटाकर शेयर छुड़ाए, कंपनियों का ऋण बाकीः अडाणी समूह

प्रवर्तकों ने 2.15 अरब डॉलर का कर्ज लौटाकर शेयर छुड़ाए, कंपनियों का ऋण बाकीः अडाणी समूह

प्रवर्तकों ने 2.15 अरब डॉलर का कर्ज लौटाकर शेयर छुड़ाए, कंपनियों का ऋण बाकीः अडाणी समूह
Modified Date: March 29, 2023 / 04:37 pm IST
Published Date: March 29, 2023 4:37 pm IST

नयी दिल्ली, 29 मार्च (भाषा) शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव का सामना कर रहे अडाणी समूह ने प्रवर्तक स्तर पर शेयर गिरवी रखकर लिए गए 2.15 अरब डॉलर के समूचे कर्ज के भुगतान का दावा करते हुए कहा है कि सिर्फ परिचालन वाली कंपनी के स्तर पर लिया गया कर्ज ही बकाया है।

अडाणी समूह ने शेयरों के एवज में लिए गए 2.15 अरब डॉलर के कर्ज का भुगतान नहीं किए जाने की खबरों को ‘आधारहीन एवं जानबूझकर की गई शरारत’ बताते हुए खारिज कर दिया है।

समूह ने बयान में कहा, ‘‘अडाणी ने 12 मार्च की घोषणा के अनुरूप शेयरों के एवज में लिए गए 2.15 अरब डॉलर के समूचे कर्ज को चुका दिया है। इन कर्जों के लिए गिरवी रखे गए सारे शेयर छुड़ा लिए गए हैं।’’

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इसके साथ ही अडाणी समूह ने कहा, ‘‘प्रवर्तकों के स्तर पर लिए गए सारे शेयर-समर्थित कर्ज चुका दिए गए हैं जबकि परिचालन कंपनियों द्वारा शेयर गिरवी रखकर लिया गया कर्ज बाकी है।’’

बयान के मुताबिक, ‘‘इस भुगतान के बाद अडाणी ग्रीन, अडाणी पोर्ट्स, अडाणी ट्रांसमिशन और अडाणी एंटरप्राइजेज के गिरवी रखे गए शेयरों में खासी गिरावट आई है और सिर्फ परिचालक कंपनियों की तरफ से गिरवी रखे गए शेयरों का भुगतान ही बकाया है।’’

परिचालन कंपनियों के कर्ज उनकी मौजूदा ऋण संरचना का हिस्सा हैं और गत 24 जनवरी को हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट आने के बाद किसी भी परिचालन इकाई ने कोई नया कर्ज नहीं लिया है। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में अडाणी समूह पर वित्तीय धांधली और शेयरों में हेराफेरी के आरोप लगाए गए थे।

अडाणी समूह की तरफ से यह बयान शेयर बाजारों को दी गई सूचनाओं के आधार पर जारी मीडिया रिपोर्ट के बाद आया है। इन खबरों में कहा गया था कि प्रवर्तकों के गिरवी रखे गए शेयरों के बड़े हिस्से को बैंकों ने अभी जारी नहीं किया है। इससे बकाया कर्ज को न चुकाने के संकेत मिलते हैं।

अडाणी समूह ने 12 मार्च को कहा था कि उसने शेयर गिरवी रखकर लिये गये 2.15 अरब डॉलर का कर्ज लौटा दिया है। उसने कहा था कि ये कर्ज 31 मार्च, 2023 की समयसीमा से पहले लौटाये गये हैं।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

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