अडाणी समूह 1,000 अरब डॉलर का मूल्यांकन हासिल करने के लिए करेगा 150 अरब डॉलर का निवेश

अडाणी समूह 1,000 अरब डॉलर का मूल्यांकन हासिल करने के लिए करेगा 150 अरब डॉलर का निवेश

अडाणी समूह 1,000 अरब डॉलर का मूल्यांकन हासिल करने के लिए करेगा 150 अरब डॉलर का निवेश
Modified Date: November 29, 2022 / 07:52 pm IST
Published Date: October 30, 2022 12:23 pm IST

(अम्मार जैदी)

नयी दिल्ली, 30 अक्टूबर (भाषा) एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति गौतम अडानी का अडाणी समूह हरित ऊर्जा, डेटा केंद्र, हवाई अड्डे से लेकर स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में 150 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करेगा। समूह का लक्ष्य 1,000 अरब डॉलर के मूल्यांकन वाली वैश्विक कंपनियों की विशिष्ट सूची में शामिल होने का है।

अडाणी समूह के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) जुगेशिंदर ‘रॉबी’ सिंह ने 10 अक्टूबर को वेंचुरा सिक्योरिटीज लि. द्वारा यहां आयोजित निवेशक बैठक में समूह की विकास योजनाओं का ब्योरा दिया। वर्ष 1988 में एक व्यापारी के रूप में कारोबार शुरू करने वाले समूह ने काफी तेजी से बंदरगाह, हवाई अड्डा, सड़क, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा, बिजली पारेषण, गैस वितरण और एफएमसजी क्षेत्र में पैर पसारे हैं। हाल के समय में समूह डेटा केंद्र, हवाई अड्डा, पेट्रोरसायन, सीमेंट और मीडिया जैसे क्षेत्रों में उतरा है।

उन्होंने कहा कि समूह की अगले 5-10 साल में हरित हाइड्रोजन कारोबार में 50-70 अरब डॉलर और हरित ऊर्जा में 23 अरब डॉलर का निवेश करने की योजना है। यह बिजली पारेषण में सात अरब डॉलर, ‘ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी’ में 12 अरब डॉलर और सड़क क्षेत्र में पांच अरब डॉलर का निवेश करेगा।

समूह के क्लाउड सेवाओं के साथ डेटा केंद्र कारोबार में प्रवेश के लिए उसे एज कॉनेक्स के साथ साझेदारी में 6.5 अरब डॉलर का निवेश करना होगा और हवाई अड्डों के लिए 9-10 अरब डॉलर की योजना बनाई गई है। हवाई अड्डा क्षेत्र में समूह पहले ही सबसे बड़ा निजी परिचालक है। एसीसी और अंबुजा सीमेंट के अधिग्रहण के साथ सीमेंट क्षेत्र में प्रवेश के लिए समूह ने 10 अरब डॉलर का निवेश किया है।

समूह पेट्रोरसायन कारोबार में भी उतरा है। इसकी योजना दो अरब डॉलर के निवेश से 10 लाख टन सालाना का पीवीसी विनिर्माण संयंत्र लगाने की है। उन्होंने कहा कि अडाणी समूह एक अरब डॉलर के निवेश से पांच लाख टन सालाना का स्मेल्टर लगाएगा और इसके साथ तांबा क्षेत्र में उतरेगा।

उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में प्रवेश के तहत बीमा, अस्पताल और डायग्नॉस्टिक और फार्मा में सात से 10 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा। इसमें से कुछ राशि अडाणी फाउंडेशन से मिलेगी।

समूह का बाजार पूंजीकरण 2015 में 16 अरब डॉलर था। 2022 तक सात साल में यह 16 गुना होकर 260 अरब डॉलर पर पहुंच गया है।

भाषा अजय अजय

अजय


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