भारत में एआई अपनाने की दर तेज, दो साल में निवेश 45 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान: एसएपी रिपोर्ट

भारत में एआई अपनाने की दर तेज, दो साल में निवेश 45 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान: एसएपी रिपोर्ट

भारत में एआई अपनाने की दर तेज, दो साल में निवेश 45 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान: एसएपी रिपोर्ट
Modified Date: June 12, 2026 / 03:54 pm IST
Published Date: June 12, 2026 3:54 pm IST

नयी दिल्ली, 12 जून (भाषा) भारतीय कंपनियां कृत्रिम मेधा (एआई) के प्रायोगिक चरण से आगे बढ़कर अब मूल्य-आधारित क्रियान्वयन पर तेजी से ध्यान दे रही हैं और उद्यम स्तर पर इसके व्यापक उपयोग में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनकर उभर रही हैं। एसएपी की एक अध्ययन रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

वैश्विक सॉफ्टवेयर समाधान प्रदाता एसएपी की तरफ से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, एआई निवेश के लिए रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाने के मामले में भारत विश्व में दूसरे स्थान पर है। भारतीय कंपनियां एआई पर लगभग 2.59 करोड़ डॉलर निवेश की योजना बना रही हैं और इसके अगले दो वर्षों में 45 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है।

ऑक्सफर्ड इकोनॉमिक्स के साझेदारी में किए गए वैश्विक अध्ययन पर आधारित इस रिपोर्ट के लिए भारत समेत 13 देशों के 2,600 कारोबारी दिग्गजों से प्रतिक्रिया ली गई है।

रिपोर्ट कहती है कि भारत में ‘एजेंटिक एआई’ से मिलने वाला रिटर्न पांच गुना होकर 1.44 करोड़ डॉलर तक पहुंच जाने का अनुमान है।

‘एजेंटिक एआई’ ऐसी स्वायत्त एआई प्रणाली को कहा जाता है जो निरंतर मानवीय हस्तक्षेप के बगैर निर्णय लेने, बहु-स्तरीय कार्य योजना बनाने और उनका क्रियान्वयन कर पाने में सक्षम होती है।

व्यवसायों के संचालन और प्रबंधन के लिए उद्यम सॉफ्टवेयर मुहैया कराने वाली एसएपी एसई के वैश्विक अध्यक्ष (ग्राहक सफलता) मैनोस रैप्टोपोलोस ने कहा कि एआई अब ‘स्वायत्त उद्यम’ की रीढ़ बन चुका है।

उन्होंने कहा, “एसएपी में एआई को उद्योग-विशेष के गहरे संदर्भ और समृद्ध कारोबारी डेटा के आधार पर विकसित किया गया है। यह ऐसा एआई है जो किसी खास उद्योग की प्रक्रियाओं और आंकड़ों को वास्तव में समझता है।”

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 71 प्रतिशत कंपनियों ने अपने कारोबारी लक्ष्यों के अनुरूप एआई रणनीति तय कर ली है। फिलहाल एआई का इस्तेमाल करीब 33 प्रतिशत कारोबारी कार्यों में हो रहा है, जो अगले दो वर्षों में 51 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।

इस अध्ययन के मुताबिक, करीब 74 प्रतिशत कंपनियां एआई से मिल रहे मौजूदा रिटर्न से संतुष्ट हैं और इससे पैदा हो रहे मूल्य को सफलता का प्रमुख पैमाना मान रही हैं।

रिपोर्ट कहती है कि अगले दो वर्षों में विभिन्न कार्यों और शुरुआत से अंत तक की प्रक्रियाओं में एआई का उपयोग दोगुने से अधिक होकर 40 प्रतिशत हो जाने की उम्मीद है। इसके साथ ही, 55 प्रतिशत भारतीय कंपनियों ने एआई अपनाने के लिए अलग से प्रमुख नियुक्त किया है, जो वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक है।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण


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