ईंधन कीमतों में नरमी जारी रहने पर उड़ानों में कटौती घटा सकती है एयर इंडिया: विल्सन
ईंधन कीमतों में नरमी जारी रहने पर उड़ानों में कटौती घटा सकती है एयर इंडिया: विल्सन
मुंबई, 26 जून (भाषा) एयर इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने शुक्रवार को कहा कि यदि पश्चिम एशिया में संघर्ष कम होने के कारण हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंधों में ढील और विमान ईंधन की कीमतों में नरमी का मौजूदा रुख जारी रहता है, तो एयरलाइन हाल के महीनों में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में की गई कटौती में से कुछ को वापस ले सकती है।
टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन ने पिछले महीने हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध और विमान ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 27 प्रतिशत की कटौती की थी। ईंधन महंगा होने से विदेशी मार्गों पर परिचालन लागत बढ़ गई थी।
इसके अलावा, घाटे में चल रही एयरलाइन ने ईंधन की ऊंची कीमतों के प्रभाव से निपटने के लिए घरेलू उड़ानों में भी अस्थायी रूप से 22 प्रतिशत की कटौती की थी।
विल्सन ने कर्मचारियों को भेजे संदेश में कहा, ‘‘पश्चिम एशिया में संघर्ष कम हुआ है। हालांकि, इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि तनाव फिर नहीं बढ़ेगा, लेकिन मौजूदा स्थिर माहौल के कारण अधिक हवाई क्षेत्र उपलब्ध हो गया है और ईंधन की कीमतों में उल्लेखनीय कमी आई है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यदि यह रुझान जारी रहता है, तो हाल के महीनों में उड़ानों के कार्यक्रम में की गई कुछ कटौतियों को वापस लेने में हम सक्षम हो सकते हैं। मुझे विश्वास है कि आप सब भी मेरी तरह उम्मीद कर रहे होंगे कि ऐसा जल्द से जल्द हो।’’
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद क्षेत्र के कई हिस्सों में हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगाए गए थे और विमान ईंधन की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी हुई थी। एयरलाइन की कुल परिचालन लागत में ईंधन की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से अधिक है। हालांकि, अब ईंधन की कीमतों में कुछ नरमी आई है।
विल्सन ने कहा कि इस वर्ष एयर इंडिया के बेड़े में आठ और नए अथवा पुनर्निर्मित चौड़ी बॉडी वाले विमान शामिल किए जाएंगे। इनमें इस सप्ताहांत आने वाला नया बी-787-9 विमान भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि इन विमानों के शामिल होने से सेवाओं में सुधार जारी रहेगा और यात्रियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद है।
भाषा योगेश रमण
रमण

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