विमानपत्तन प्राधिकरण ने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परिचालकों से ईंधन भंडार का विवरण मांगा

विमानपत्तन प्राधिकरण ने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परिचालकों से ईंधन भंडार का विवरण मांगा

विमानपत्तन प्राधिकरण ने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परिचालकों से ईंधन भंडार का विवरण मांगा
Modified Date: March 3, 2026 / 04:42 pm IST
Published Date: March 3, 2026 4:42 pm IST

नयी दिल्ली/मुंबई, तीन मार्च (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र के भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के मद्देनजर देश के सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा संचालकों से उपलब्ध ईंधन भंडार और अगले सात दिन के लिए अनुमानित आवश्यकता का विवरण देने को कहा है। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

यह निर्देश पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष की पृष्ठभूमि में आया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा है।

एक सूत्र ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर ईंधन आपूर्ति की स्थिति को स्पष्ट रूप से समझने के लिए एहतियाती उपाय के तौर पर ये विवरण मांगे गए हैं।

सूत्रों ने पीटीआई-भाषा को बताया कि नागर विमानन मंत्रालय के निर्देशों के बाद, एएआई ने सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा संचालकों से वर्तमान ईंधन आपूर्ति की स्थिति का विवरण मांगा है।

संचालकों से औसत दैनिक ईंधन खपत, अगले सात दिन के लिए अनुमानित ईंधन आवश्यकता और अगली निर्धारित ईंधन आपूर्ति की तिथि का विवरण भी देने को कहा गया है।

भारत में दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई सहित 33 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं।

मंत्रालय के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, दो मार्च को देश के हवाई अड्डों से 355 उड़ानें रवाना हुईं और 344 उड़ानें आईं।

विभिन्न रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक ऊर्जा परिवहन के प्रमुख मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में कई जहाज हमले की चपेट में आये हैं। विश्व के समुद्री मार्ग से होने वाले कच्चे तेल के निर्यात का लगभग एक-तिहाई और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की खेप का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। यह ओमान और ईरान के बीच स्थित है और फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।

भाषा रमण अजय

अजय


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