एयरटेल अपनी एनबीएफसी के विस्तार के लिए 20,000 करोड़ रुपये की पूंजी डालेगी

Ads

एयरटेल अपनी एनबीएफसी के विस्तार के लिए 20,000 करोड़ रुपये की पूंजी डालेगी

  •  
  • Publish Date - February 23, 2026 / 05:33 PM IST,
    Updated On - February 23, 2026 / 05:33 PM IST

नयी दिल्ली, 23 फरवरी (भाषा) दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल ने सोमवार को अपनी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) ‘एयरटेल मनी लिमिटेड’ के लिए बड़े विस्तार की घोषणा करते हुए कहा कि अगले कुछ वर्षों में इसमें 20,000 करोड़ रुपये की पूंजी डाली जाएगी।

कंपनी ने बयान में कहा कि इस पूंजी में 70 प्रतिशत योगदान एयरटेल की तरफ से किया जाएगा जबकि शेष 30 प्रतिशत हिस्सा प्रवर्तक समूह भारती एंटरप्राइजेज की तरफ से आएगा।

एयरटेल मनी को 13 फरवरी, 2026 को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से एनबीएफसी के रूप में काम करने का लाइसेंस मिला है।

भारती एयरटेल ने कहा, ‘‘एनबीएफसी एयरटेल मनी लिमिटेड के लिए बड़ी योजनाओं की घोषणा भारत में ‘ऋण अंतर’ कम करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।’’

इस एनबीएफसी में 20,000 करोड़ रुपये की पूंजी को अगले कुछ वर्षों में डाला जाएगा।

एयरटेल ने बताया कि पिछले दो वर्षों में उसने अपने डिजिटल मंच के माध्यम से एक सशक्त ‘उधारी सेवा प्रदाता’ (एलएसपी) मॉडल विकसित किया है। इस मंच के जरिये अब तक 9,000 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण बांटे जा चुके हैं।

कंपनी के मुताबिक, साख एवं जोखिम आकलन के मजबूत मॉडल, अनुशासित पोर्टफोलियो प्रबंधन और वास्तविक समय में जोखिम निगरानी के चलते कर्ज चूक की दर नियंत्रित रही है।

एयरटेल के कार्यकारी वाइस चेयरमैन गोपाल विट्टल ने कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी, डेटा और ग्राहकों के भरोसे को जोड़कर राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव पैदा करने की कंपनी की क्षमता इस मंच की सफलता से साबित हुई है।’’

उन्होंने कहा कि एनबीएफसी विस्तार के जरिये एक भरोसेमंद और नवोन्मेषी डिजिटल ऋण कारोबार खड़ा करने का लक्ष्य है।

केयर एज रेटिंग्स के मुताबिक, भारत में संगठित ऋण का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अनुपात में स्तर 53 प्रतिशत है, जो ऋण विस्तार की व्यापक संभावनाओं को दर्शाता है।

एयरटेल ने कहा कि एनबीएफसी का वितरण तंत्र एलएसपी मंच से एकीकृत रहेगा लेकिन परिचालन स्तर पर दोनों के बीच स्पष्ट अलगाव बनाए रखा जाएगा।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय