एएम ग्रीन, वीओसीपीए का तूतीकोरिन में ग्रीन अमोनिया केंद्र विकसित करने का समझौता
एएम ग्रीन, वीओसीपीए का तूतीकोरिन में ग्रीन अमोनिया केंद्र विकसित करने का समझौता
नयी दिल्ली, 13 जून (भाषा) नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी ‘एएम ग्रीन’ और वी. ओ. चिदंबरनार बंदरगाह प्राधिकरण (वीओसीपीए) ने तमिलनाडु के तूतीकोरिन बंदरगाह पर ग्रीन अमोनिया के उत्पादन और जहाजों में ईंधन भरने (बंकरिंग) की सुविधा विकसित करने के लिए एक समझौता किया है। इस पर 22,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश होने की संभावना है।
एएम ग्रीन ने एक बयान में कहा कि इस समझौते का शुरुआती लक्ष्य 2029-30 तक बंदरगाह पर हर साल दो लाख टन ग्रीन अमोनिया ईंधन भरने की क्षमता को तैयार करना है। इस शुरुआती काम पर करीब 2,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इसके अलावा, मांग के आधार पर वर्ष 2035 तक इस क्षमता को बढ़ाकर पांच लाख टन प्रति वर्ष करने की योजना है, जिसमें कुल लगभग 5,000 करोड़ रुपये का निवेश हो सकता है।
इस समझौते में बंदरगाह के पास 10 लाख टन प्रति वर्ष क्षमता वाली ग्रीन अमोनिया उत्पादन इकाई स्थापित करने का भी प्रस्ताव है, जिस पर लगभग 15,000 करोड़ रुपये का निवेश अनुमानित है।
कंपनी ने कहा कि इस परियोजना से नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में करीब 35,000 करोड़ रुपये के निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा, जिसकी इस सुविधा को समर्थन देने के लिए आवश्यकता होगी।
दोनों पक्षों के बीच इस समझौता ज्ञापन पर 28 मई को हस्ताक्षर किए गए थे।
एएम ग्रीन के मुख्य कार्यकारी गौतम रेड्डी कुंबम ने कहा कि तूतीकोरिन बंदरगाह का मौजूदा अमोनिया ढांचा, ग्रीन हाइड्रोजन केंद्र का दर्जा और वैश्विक पोत परिवहन मार्गों से इसका संपर्क इस साझेदारी को कंपनी की पूरे भारत में व्यावसायिक विस्तार रणनीति का एक महत्वपूर्ण आधार बनाती है।
वीओसीपीए के चेयरमैन सुशांत कुमार नाथ ने कहा कि बंदरगाह प्राधिकरण बुनियादी ढांचे और संस्थागत सहयोग के माध्यम से तूतीकोरिन को ग्रीन अमोनिया बंकरिंग एवं निर्यात के एक प्रमुख गंतव्य के रूप में विकसित करने में सहायता करेगा।
भाषा योगेश प्रेम
प्रेम

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