ऑनलाइन खरीदारी में फर्जीवाड़े से बचाने के लिए अमेजन ने ग्राहक ‘हैंडबुक’ जारी की

ऑनलाइन खरीदारी में फर्जीवाड़े से बचाने के लिए अमेजन ने ग्राहक ‘हैंडबुक’ जारी की

ऑनलाइन खरीदारी में फर्जीवाड़े से बचाने के लिए अमेजन ने ग्राहक ‘हैंडबुक’ जारी की
Modified Date: July 31, 2026 / 10:24 pm IST
Published Date: July 31, 2026 10:24 pm IST

नयी दिल्ली, 31 जुलाई (भाषा) फर्जी वेबसाइट, नकली डिलीवरी पैकेज, भुगतान में धोखाधड़ी और ‘बहुत सस्ता’ दिखने वाले ऑफर ऑनलाइन खरीदारी में धोखाधड़ी के सबसे आम तरीके बन चुके हैं। इन खतरों के बारे में उपभोक्ताओं को सतर्क करने के लिए एक नई उपभोक्ता गाइड जारी की गई है।

इस हैंडबुक को ‘सेफर इंटरनेट इंडिया’ ने तैयार किया है और इसे दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन के सहयोग से जारी किया गया है। ‘सुरक्षित ऑनलाइन खरीदारी के लिए आपका गाइड’ शीर्षक इस हैंडबुक का उद्देश्य ऑनलाइन खरीदारों को धोखाधड़ी पहचानने, उससे बचने और खुद को सुरक्षित रखने के आसान तरीके बताना है।

एक विज्ञप्ति के मुताबिक, इस गाइड में फर्जी वेबसाइट, फर्जीवाड़ा करने वाले लिंक, नकली डिलीवरी की धांधली, खाली बॉक्स भेजने जैसी धोखाधड़ी, भुगतान फर्जीवाड़ा और फर्जी ग्राहक सहयोग खाता जैसे तरीकों की पहचान कराई गई है।

इसके अलावा ‘जल्दी करें’ जैसे दबाव बनाकर ठगने वाले फर्जीवाड़े और सदस्यता को आगे बढ़ाने के नाम पर धोखाधड़ी जैसे मामलों को भी शामिल किया गया है।

इस हैंडबुक में सुरक्षित ऑनलाइन खरीदारी के तरीके, भारतीय कानूनों के तहत उपभोक्ता अधिकार, शिकायत निवारण प्रणाली और व्यावहारिक सुरक्षा उपायों को सरल भाषा में समझाया गया है।

अमेजन के उपाध्यक्ष (ग्राहक एवं साझेदार विश्वास) रोहन ओमेन ने कहा कि भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था और ई-कॉमर्स के विस्तार के साथ खासकर छोटे शहरों से नए ग्राहक जुड़ रहे हैं। लेकिन अनुभव की कमी के कारण वे ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं, इसलिए जागरूकता बेहद जरूरी है।

ओमेन ने पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में कहा कि वेरिफाई@अमेजन.कॉम जैसी सुविधा शुरू की गई है, जहां ग्राहक संदिग्ध ईमेल की जांच करवा सकते हैं। साथ ही, पिछले साल 70,000 से अधिक फर्जी वेबसाइट को पहचानकर हटाने में मदद भी की गई।

उन्होंने बताया कि प्रौद्योगिकी के साथ उपभोक्ताओं को जागरूक बनाना भी जरूरी है, क्योंकि जब तक लोग खतरे को पहचानेंगे नहीं, तब तक सुरक्षा उपकरणों का सही इस्तेमाल भी नहीं कर पाएंगे।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण


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