बीते वित्त वर्ष में अमूल का कारोबार 11 प्रतिशत बढ़कर एक लाख करोड़ रुपये के पार
बीते वित्त वर्ष में अमूल का कारोबार 11 प्रतिशत बढ़कर एक लाख करोड़ रुपये के पार
नयी दिल्ली, पांच अप्रैल (भाषा) डेयरी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अमूल ने रविवार को कहा कि डेयरी उत्पादों की बेहतर मांग के कारण पिछले वित्त वर्ष (2025-26) के दौरान उसका कुल कारोबार 11 प्रतिशत बढ़कर एक लाख करोड़ रुपये को पार कर गया।
गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (जीसीएमएमएफ) ने एक बयान में कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में अमूल ब्रांड का कुल कारोबार एक लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। बयान में आगे कहा गया, ”2024-25 के 90,000 करोड़ रुपये की तुलना में अमूल ब्रांड के कुल राजस्व में 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।”
अमूल ब्रांड के तहत उत्पाद बेचने वाली संस्था जीसीएमएमएफ का कारोबार बीते वित्त वर्ष में सालाना आधार पर 65,911 करोड़ रुपये से 11.4 प्रतिशत बढ़कर 73,450 करोड़ रुपये हो गया।
जीसीएमएमएफ ने कहा, ”यह उछाल 1,200 से अधिक उत्पाद पैक के विशाल पोर्टफोलियो, विस्तृत वितरण नेटवर्क और आधुनिक उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों के अनुरूप तेजी से ढलने की क्षमता के कारण संभव हुआ है।”
संबंधित जिलों की 18 सदस्यीय जिला सहकारी समितियां अमूल ब्रांड के तहत उत्पाद बेचती हैं। इन 18 जिला सहकारी समितियों का कारोबार जीसीएमएमएफ के राजस्व में शामिल नहीं होता है।
जीसीएमएमएफ के चेयरमैन अशोकभाई चौधरी ने कहा, ”एक लाख करोड़ रुपये के ब्रांड कारोबार को पार करना करोड़ों उपभोक्ताओं के विश्वास और हमारे 36 लाख डेयरी किसानों की अथक मेहनत का प्रमाण है।”
जीसीएमएमएफ के वाइस चेयरमैन गोवर्धनभाई धमेलिया ने कहा, ”एक लाख करोड़ रुपये के मील के पत्थर तक पहुंचने की हमारी यात्रा सहकारी भावना की एक निर्णायक जीत है। अपने मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित करके, हम यह साबित कर रहे हैं कि ‘अमूल मॉडल’ आर्थिक लोकतंत्र का बेहतरीन प्रतीक है।”
फेडरेशन के प्रबंध निदेशक जयेन मेहता ने कहा कि यह संस्थान न केवल वैश्विक स्तर पर अपने परिचालन का विस्तार कर रहा है, बल्कि यह इस परिभाषा को भी व्यापक बना रहा है कि आधुनिक दुनिया में किसानों के स्वामित्व वाला संस्थान क्या हासिल कर सकता है। मेहता ने कहा, ”हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि तकनीक और वैश्विक व्यापार का लाभ उत्पादकों तक पहुंचे।”
जीसीएमएमएफ 36 लाख किसानों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी किसान स्वामित्व वाली डेयरी सहकारी संस्था है, जो 50 से अधिक देशों में अमूल दूध और दुग्ध उत्पादों का विपणन करती है।
भाषा पाण्डेय अजय
अजय

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