आंध्र प्रदेश के मंत्री लोकेश ने कडप्पा में एसएईएल की 600 मेगावाट की सौर परियोजनाओं का किया उद्घाटन

आंध्र प्रदेश के मंत्री लोकेश ने कडप्पा में एसएईएल की 600 मेगावाट की सौर परियोजनाओं का किया उद्घाटन

आंध्र प्रदेश के मंत्री लोकेश ने कडप्पा में एसएईएल की 600 मेगावाट की सौर परियोजनाओं का किया उद्घाटन
Modified Date: May 22, 2026 / 05:34 pm IST
Published Date: May 22, 2026 5:34 pm IST

जम्मलमडुगु (आंध्र प्रदेश), 22 मई (भाषा) आंध्र प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश ने कडप्पा जिले में एसएईएल इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 600 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजनाओं का शुक्रवार को उद्घाटन किया।

टी कोंडुरु गांव में इन सौर ऊर्जा परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद लोकेश ने इसे नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना की शुरुआत से कहीं अधिक करार दिया।

एसएईएल सोलर एमएचपी1 और एसएईएल सोलर एमएचपी2 परियोजनाएं करीब 3,000 करोड़ रुपये के निवेश से रिकॉर्ड 11 महीने में पूरी की गईं।

लोकेश ने कहा, ‘‘ इन परियोजनाओं का संचालन शुरू होना आंध्र प्रदेश की तेज औद्योगिक विकास और स्वच्छ ऊर्जा विस्तार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’’

उन्होंने कहा कि समय पर परियोजना का पूरा होना स्थानीय किसानों और युवाओं के सहयोग को दर्शाता है। साथ ही परियोजना की सफलता ने पूरे राज्य से जम्मलमदुगु की ओर ध्यान आकर्षित किया है।

उन्होंने कहा कि एसएईएल की सफलता का श्रेय काफी हद तक किसानों, ग्रामीणों, मजदूरों, इंजीनियरों, जिले के अधिकारियों और स्थानीय समुदायों के साथ घनिष्ठ रूप से काम करने की उसकी क्षमता को जाता है।

मंत्री ने बताया कि परियोजना से जुड़े दीर्घकालिक भूमि पट्टे समझौतों से करीब 760 किसानों और उनके परिवारों को लाभ हुआ है।

यह 2,400 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैली एकीकृत सौर परियोजना आंध्र प्रदेश को नवीकरणीय ऊर्जा निवेश के उभरते केंद्र के रूप में मजबूत करेगी।

एसएईएल सोलर एमएचपी1 प्राइवेट लिमिटेड और एसएईएल सोलर एमएचपी2 प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित दो 300-300 मेगावाट की परियोजनाओं का इस वर्ष की शुरुआत में वाणिज्यिक परिचालन शुरू किया गया था। एमएचपी1 ने 30 जनवरी को और एमएचपी2 ने 13 मार्च को परिचालन शुरू किया था।

इन परियोजनाओं से उत्पादित बिजली को सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के साथ 25 वर्षीय बिजली खरीद समझौते के तहत राष्ट्रीय ग्रिड को आपूर्ति की जाएगी।

इन परियोजनाओं से प्रतिवर्ष लगभग 11 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आने की उम्मीद है। साथ ही क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि को भी बल मिलेगा।

भाषा निहारिका रमण

रमण


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