अमेरिका के निर्यात नियंत्रण हटाने के बाद एंथ्रोपिक ने फेबल-5, मिथोस-5 एआई मॉडल तक पहुंच बहाल की
अमेरिका के निर्यात नियंत्रण हटाने के बाद एंथ्रोपिक ने फेबल-5, मिथोस-5 एआई मॉडल तक पहुंच बहाल की
नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) कृत्रिम मेधा (एआई) क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने उन्नत एआई मॉडल फेबल-5 और मिथोस-5 की पहुंच बहाल कर दी है।
अमेरिकी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए इस महीने की शुरुआत में इन मॉडल पर निर्यात नियंत्रण लगाए थे जिसके कारण इन तक पहुंच रोक दी गई थी।
कंपनी ने ब्लॉग में लिखा कि फेबल-5 एक जुलाई से दुनिया भर के उपयोगकर्ताओं के लिए क्लॉड डॉट एआई और क्लॉड कोवर्क सहित एंथ्रोपिक के विभिन्न मंचों पर उपलब्ध हुआ।
वहीं, मिथोस-5 तक पहुंच 26 जून को अमेरिकी सरकार की मंजूरी मिलने के बाद अमेरिका के चुनिंदा संगठनों के लिए फिर से शुरू कर दी गई है।
एंथ्रोपिक ने कहा कि अब वह अपनी ‘प्रोजेक्ट ग्लासविंग’ पहल के तहत अमेरिकी सरकार के साथ मिलकर घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक साझेदारों तक इसकी पहुंच बढ़ाने के लिए काम कर रही है।
एंथ्रोपिक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ अमेरिकी सरकार के साथ कई सार्थक बातचीत के बाद हम नए वर्गीकरण तंत्र के साथ फेबल-5 मॉडल को फिर से उपलब्ध करा रहे हैं, ताकि साइबर सुरक्षा से जुड़े अधिक कार्यों की पहचान कर उन्हें रोका जा सके।’’
भारत, एंथ्रोपिक का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है। कंपनी ने हाल ही में टीसीएस (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) के साथ समझौता किया है, जिसके तहत उसके 50,000 कर्मचारियों को एंथ्रोपिक के एआई मॉडल उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा कंपनी ने इन्फोसिस के साथ भी साझेदारी की घोषणा की है। इसके तहत क्लॉड मॉडल श्रृंखला का उपयोग कर उन्नत एंटरप्राइज एआई समाधान तैनात किए जाएंगे।
मामले से परिचित सूत्रों के अनुसार, हाल ही में भारत की कुछ सरकारी एजेंसियों और निजी कंपनियों को भी ‘प्रोजेक्ट ग्लासविंग’ नामक साइबर सुरक्षा पहल के तहत मिथोस मॉडल तक पहुंच प्रदान की गई है।
‘प्रोजेक्ट ग्लासविंग’, एंथ्रोपिक द्वारा अप्रैल, 2026 में शुरू किया गया एक विशेष साइबर सुरक्षा गठबंधन है।
भाषा निहारिका अजय
अजय

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