एप्पल ने जून तिमाही में 109.4 अरब डॉलर का रिकॉर्ड राजस्व कमाया, महंगे चिप से दबाव बढ़ा
एप्पल ने जून तिमाही में 109.4 अरब डॉलर का रिकॉर्ड राजस्व कमाया, महंगे चिप से दबाव बढ़ा
नयी दिल्ली, 31 जुलाई (भाषा) दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी एप्पल ने जून तिमाही में 109.4 अरब डॉलर का रिकॉर्ड राजस्व दर्ज किया है, जो सालाना आधार पर 16 प्रतिशत अधिक है। कंपनी ने यह वृद्धि भारत सहित अधिकांश उभरते बाजारों में दहाई अंकों की वृद्धि के दम पर हासिल की है।
हालांकि कंपनी ने आने वाली तिमाहियों में मेमोरी चिप की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति बाधाओं को लेकर जोखिम भी जताया है।
एप्पल के राजस्व में अमेरिका क्षेत्र का योगदान सबसे अधिक रहा, लेकिन वृद्धि दर के लिहाज से वृहत्तर चीन 22.42 प्रतिशत के साथ शीर्ष पर रहा। इसके बाद यूरोप में 22.4 प्रतिशत और एशिया-प्रशांत के अन्य क्षेत्रों में 15.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
एप्पल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) टिम कुक ने आय घोषणा के दौरान कहा, “हमने हर भौगोलिक क्षेत्र में जून तिमाही का रिकॉर्ड राजस्व हासिल किया। अमेरिका, लातिन अमेरिका, पश्चिमी यूरोप, भारत, चीन, जापान और दक्षिण-पूर्व एशिया में मजबूत प्रदर्शन देखने को मिला।”
अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का सकल मार्जिन 50.1 प्रतिशत रहा, जिसमें शुल्क वापसी से लगभग दो प्रतिशत अंकों का सकारात्मक प्रभाव शामिल है।
तिमाही के दौरान आईफोन की बिक्री 21.7 प्रतिशत बढ़कर 54.25 अरब डॉलर हो गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 44.58 अरब डॉलर थी। मैक की बिक्री 28.66 प्रतिशत बढ़कर 10.35 अरब डॉलर रही, जबकि आईपैड की बिक्री करीब 6 प्रतिशत घटकर 6.19 अरब डॉलर रह गई।
एप्पल के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) केवन पारेख ने कहा कि कंपनी ने विकसित और उभरते दोनों बाजारों में मजबूत प्रदर्शन किया, खासकर भारत, लातिन अमेरिका और दक्षिण-पूर्व एशिया में दहाई अंकों वाली वृद्धि दर्ज की गई।
उन्होंने कहा, “नए उत्पाद ‘मैकबुक नियो’ को ग्राहकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है। नए ग्राहकों और पुराने उत्पाद की जगह अद्यतन उत्पाद लेने वालों के बीच मैक ने रिकॉर्ड तिमाही दर्ज की है, जिसमें भारत और चीन जैसे बाजार भी शामिल हैं।”
कंपनी ने वैश्विक स्तर पर मैकबुक और आईपैड की शुरुआती कीमतों में 20 प्रतिशत से लेकर 42 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है। जून के अंत में मेमोरी चिप की लागत में तेजी से हुई वृद्धि को इसकी वजह बताया गया है।
कुक ने कहा कि आने वाली तिमाहियों में मेमोरी की कीमतें और बढ़ने का अंदेशा होने से कारोबार पर दबाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा, “सितंबर तिमाही में हमें मेमोरी पर अधिक लागत चुकानी पड़ सकती है और आगे भी कीमतों में बढ़ोतरी का असर दिखेगा।”
एक सितंबर, 2026 से कुक की जगह जॉन टर्नस एप्पल के नए सीईओ का पद संभालने जा रहे हैं।
आईडीसी इंडिया के विश्लेषक नवकेंदर सिंह ने इन आंकड़ों पर कहा कि भारत एप्पल के लिए एक प्रमुख वृद्धि बाजार बना हुआ है और यहां कंपनी ने एक और रिकॉर्ड तिमाही दर्ज की है। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादन, बढ़ती खुदरा पहुंच और वित्तीय विकल्पों के कारण मांग मजबूत बनी हुई है।
काउंटरपॉइंट रिसर्च के सह-संस्थापक नील शाह ने कहा कि मैकबुक की मांग में बढ़ोतरी से कंपनी को बढ़त मिली है, जबकि आईफोन के प्रीमियम मॉडल की ओर उपभोक्ताओं का रुझान भी बढ़ रहा है।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
रमण

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