ASHA Workers Incentive Hike Order: आशा कार्यकर्ताओं को बड़ी सौगात.. भाजपा सरकार ने दोगुनी की प्रोत्साहन राशि.. जानें अब कितनी रकम आएगी बैंक खातों में..

उपराज्यपाल ने अधिकारियों को खाली पड़ी सरकारी जमीन और इमारतों को छात्र आवास के रूप में इस्तेमाल करने की संभावनाएं तलाशने के भी निर्देश दिए हैं। दिल्ली सरकार 10 हजार छात्रों के लिए हॉस्टल क्षमता विकसित करने के साथ शहर में सुरक्षित और किफायती छात्र आवास की व्यापक नीति तैयार करने की दिशा में काम कर रही है।

ASHA Workers Incentive Hike Order: आशा कार्यकर्ताओं को बड़ी सौगात.. भाजपा सरकार ने दोगुनी की प्रोत्साहन राशि.. जानें अब कितनी रकम आएगी बैंक खातों में..

ASHA Workers Incentive Hike Order || Image- IBC24 News File

Modified Date: September 15, 2026 / 09:13 pm IST
Published Date: September 15, 2026 9:12 pm IST
HIGHLIGHTS
  • आशा कार्यकर्ताओं की राशि हुई दोगुनी
  • अब हर महीने मिलेंगे ₹6,000
  • 6,725 कार्यकर्ताओं को मिलेगा लाभ

ASHA Workers Incentive Hike Order: नई दिल्ली: राज्य की रेखा गुप्ता सरकार ने आशा कार्यकर्ताओं के मासिक प्रोत्साहन राशि को दोगुना करने का फैसला किया है। दिल्ली कैबिनेट के फैसले के बाद अब आशा कार्यकर्ताओं को हर महीने 3,000 की जगह 6,000 रुपये मिलेंगे। सरकार के इस फैसले से हजारों आशा कार्यकर्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार के इस फैसले से दिल्ली की करीब 6,725 आशा कार्यकर्ता लाभान्वित होंगी।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़े

लड़के और लड़कियों दोनों के लिए हॉस्टल

दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार करीब 10 हजार छात्रों के लिए नए हॉस्टल का निर्माण कराएगी। मुख्यमंत्री गुप्ता ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए नई रेसिडेंस पॉलिसी तैयार की जा रही है। यह निर्णय सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक हादसे के बाद लिया गया है। सरकार का कहना है कि दिल्ली में हर साल बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं, लेकिन उन्हें हॉस्टल सुविधा नहीं मिल पाती।

ASHA Workers Incentive Hike Order: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए एक वीडियो में कहा कि हॉस्टल के लिए संबंधित विभागों के साथ बैठकें हो चुकी हैं और स्थानों की पहचान भी कर ली गई है। प्रस्तावित हॉस्टल में छात्र और छात्राओं दोनों के लिए सुविधाएं होंगी। उन्होंने कहा कि इन हॉस्टलों में दिल्ली के किसी भी कॉलेज या विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र रह सकेंगे। सरकार का उद्देश्य ऐसा सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध कराना है, जहां माता-पिता अपने बच्चों को निश्चिंत होकर छोड़ सकें और छात्र बिना किसी चिंता के अपनी पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान दे सकें।

हर साल लाखों छात्र आते हैं दिल्ली

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली को देश का बड़ा शिक्षा केंद्र बनाना है तो कॉलेज और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए पर्याप्त हॉस्टल सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हर साल लाखों छात्र अलग-अलग शिक्षण संस्थानों में दाखिले के लिए दिल्ली आते हैं, लेकिन कई छात्रों को हॉस्टल नहीं मिल पाता।

सत्य निकेतन हादसे के बाद बढ़ा ध्यान

ASHA Workers Incentive Hike Order: दरअसल यह फैसला दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला पेइंग गेस्ट इमारत गिरने के बाद आया है। दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस क्षेत्र में हुए इस हादसे में पांच छात्रों समेत सात लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद दिल्ली में छात्रों के लिए हॉस्टल सुविधाओं की कमी का मुद्दा फिर सामने आया। बड़ी संख्या में छात्र शहर के अलग-अलग PG इलाकों में महंगा किराया देकर रहने को मजबूर हैं।

हॉस्टल नीति के लिए 18 सदस्यीय समिति

हादसे के बाद उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई थी, जिसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद थीं। बैठक में उपराज्यपाल ने शिक्षा मंत्री आशीष सूद की अध्यक्षता में हॉस्टल नीति तैयार करने के लिए समिति बनाने का निर्देश दिया था। इसके बाद उपराज्यपाल की मंजूरी से 18 सदस्यीय समिति का गठन किया गया। समिति छात्रों के लिए आवास की मांग और उपलब्ध सुविधाओं के बीच अंतर का आकलन करेगी। साथ ही हॉस्टल बनाने के लिए जमीन की उपलब्धता भी देखी जाएगी।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़े

उपराज्यपाल ने अधिकारियों को खाली पड़ी सरकारी जमीन और इमारतों को छात्र आवास के रूप में इस्तेमाल करने की संभावनाएं तलाशने के भी निर्देश दिए हैं। दिल्ली सरकार 10 हजार छात्रों के लिए हॉस्टल क्षमता विकसित करने के साथ शहर में सुरक्षित और किफायती छात्र आवास की व्यापक नीति तैयार करने की दिशा में काम कर रही है।

इन्हें भी पढ़ें:

यूपीआई व्यापारी भुगतान पर शुल्क को लेकर बैंकों की समिति जल्द लेगी निर्णय

बांग्लादेश, पाकिस्तान ने द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ बनाने के लिए संसदीय कूटनीति पर जोर दिया

एमडीएल दिघी में पोत निर्माण क्लस्टर के लिए 27,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी

बिहार: भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने निकाला मार्च, कई प्रदर्शनकारी हिरासत में

खेलमंत्री ने भारत में एफवन की वापसी की चुनौतियों की समीक्षा के लिये कार्यबल का गठन किया


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

A journey of 10 years of extraordinary journalism.. a struggling experience, opportunity to work with big names like Dainik Bhaskar and Navbharat, priority given to public concerns, currently with IBC24 Raipur for three years, future journey unknown