दिल्ली-एनसीआर में घरों की औसत कीमतों में छह प्रतिशत की मामूली वृद्धि: प्रॉपटाइगर

दिल्ली-एनसीआर में घरों की औसत कीमतों में छह प्रतिशत की मामूली वृद्धि: प्रॉपटाइगर

दिल्ली-एनसीआर में घरों की औसत कीमतों में छह प्रतिशत की मामूली वृद्धि: प्रॉपटाइगर
Modified Date: February 15, 2026 / 06:35 pm IST
Published Date: February 15, 2026 6:35 pm IST

नयी दिल्ली, 15 फरवरी (भाषा) दिल्ली-एनसीआर के आवासीय बाजार में घरों की औसत कीमतों में बढ़ोतरी की रफ्तार पिछले साल काफी धीमी रही और इसमें महज छह प्रतिशत का इजाफा हुआ। इससे पहले, 2024 में क्षेत्र में घरों की कीमतें 49 प्रतिशत तक उछल गई थीं।

रियल एस्टेट सलाहकार कंपनी ‘प्रॉपटाइगर’ के आंकड़ों के मुताबिक, आवासीय संपत्तियों की मांग में आई नरमी के कारण कीमतों में यह सुस्ती देखी गई है।

हाल ही में सूचीबद्ध कंपनी औरम प्रॉपटेक द्वारा अधिग्रहित प्रॉपटाइगर के आंकड़ों से पता चलता है कि देश के शीर्ष आठ शहरों में औसत आवास कीमतों की वार्षिक वृद्धि 2025 में घटकर छह प्रतिशत रह गई। वर्ष 2024 में इन दरों में 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी।

आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल के दौरान औसत कीमतों में अधिकतम 13 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई। बेंगलुरु में सबसे ज्यादा 13 प्रतिशत की बढ़त देखी गई, जबकि चेन्नई में कीमतें लगभग स्थिर रहीं।

औरम प्रॉपटेक के कार्यकारी निदेशक ओंकार शेट्ये ने कहा, ‘कुल मिलाकर, बिक्री की मात्रा में कमी के साथ कीमतों में मजबूती एक अनुशासित और आपूर्ति-संतुलित बाजार को दर्शाती है। यहां डेवलपर्स ने कीमतों की अखंडता को बनाए रखा और बिना बिके घरों (इन्वेंट्री) का प्रबंधन बेहतर रहा, जिससे 2026 के लिए एक स्थिर मूल्य आधार तैयार हुआ है।’

अहमदाबाद में औसत आवास की कीमत 2025 में आठ प्रतिशत बढ़कर 4,754 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई, जो इससे पिछले वर्ष में 4,402 रुपये प्रति वर्ग फुट थी।

मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में दरें चार प्रतिशत बढ़कर 12,600 रुपये प्रति वर्ग फुट से 13,164 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गईं।

पुणे में कीमतें 7,108 रुपये प्रति वर्ग फुट से एक प्रतिशत बढ़कर 7,192 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गईं, जबकि दिल्ली-एनसीआर में कीमतें छह प्रतिशत बढ़कर 8,105 रुपये से 8,570 रुपये प्रति वर्ग फुट पर पहुंच गईं।

वर्ष 2022-2024 की अवधि के दौरान कीमतों में आई भारी तेजी के कारण मांग कम होने से अब कीमतों की वृद्धि की रफ्तार धीमी पड़ गई है। कोलकाता में कीमतें छह प्रतिशत बढ़कर 5,633 रुपये से 5,945 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गईं।

बेंगलुरु में कीमतें 13 प्रतिशत उछलकर 7,536 रुपये से 8,533 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गईं, वहीं चेन्नई में दरें लगभग 7,200 रुपये प्रति वर्ग फुट पर स्थिर रहीं।

हैदराबाद में औसत आवास की कीमतें पिछले साल आठ प्रतिशत मजबूत होकर 7,053 रुपये से 7,644 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गईं।

सौपर्णिका प्रोजेक्ट्स के प्रबंध निदेशक रामजी सुब्रमण्यम ने कहा कि बेंगलुरु में कीमतों में दोहरे अंकों की यह मजबूत वृद्धि शहर के बाजार की स्थिरता (लचीलेपन) और इसके वैश्विक आकर्षण को रेखांकित करती है।

उन्होंने कहा कि देश की एआई और प्रौद्योगिकी राजधानी होने के नाते बेंगलुरु वास्तविक खरीदारों, वैश्विक निवेशकों और बढ़ते प्रवासी कार्यबल को आकर्षित करना जारी रखे हुए है।’

अरिसयूनिटर्न के निदेशक नवीन धानुका ने कहा कि बेंगलुरु के आवास बाजार में कीमतें काफी हद तक वास्तविक खरीदारों (एंड-यूजर) की मांग से संचालित थीं।

उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी क्षेत्र और जीसीसी में निरंतर रोजगार सृजन, निरंतर आव्रजन और बुनियादी ढांचे में सुधार ने मांग को बनाए रखा है।

रियल एस्टेट कंपनी आईजी ग्रुप के प्रबंध निदेशक ललित परिहार ने कहा कि कीमतों में एक अंक की वृद्धि के बावजूद अहमदाबाद एक किफायती आवास बाजार बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि आर्थिक गतिविधियों के कारण धोलेरा सहित गुजरात के प्रमुख शहरों में मांग मजबूत बनी हुई है।

भाषा सुमित गोला

गोला


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