क्रेडिट सुइस बॉन्ड मामले में एचडीएफसी बैंक के खिलाफ दावों को बहरीन की अदालत ने खारिज किया

Ads

क्रेडिट सुइस बॉन्ड मामले में एचडीएफसी बैंक के खिलाफ दावों को बहरीन की अदालत ने खारिज किया

  •  
  • Publish Date - September 10, 2026 / 06:41 PM IST,
    Updated On - September 10, 2026 / 06:41 PM IST

नयी दिल्ली, 10 सितंबर (भाषा) निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक ने बृहस्पतिवार को कहा कि बहरीन की एक अदालत ने क्रेडिट सुइस अतिरिक्त टियर-1 (एटी1) बॉन्ड में निवेश करने वाले निवेशकों के बैंक के खिलाफ दायर दो दावों को खारिज कर दिया है।

एचडीएफसी बैंक ने बयान में कहा कि बहरीन उच्च दीवानी अदालत के समक्ष पेश किए गए दावों और साक्ष्यों की न्यायिक जांच के बाद नौ सितंबर को ये आदेश पारित किए गए।

बैंक ने कहा कि इस साल जुलाई और अगस्त के दौरान बहरीन की अदालत ने क्रेडिट सुइस एटी1 बॉन्ड निवेशकों की तरफ से दायर ऐसे ही पांच अन्य मामलों को भी खारिज किया था। इसके साथ बैंक के पक्ष में आए फैसलों की कुल संख्या सात हो गई है।

निवेशकों ने एचडीएफसी बैंक के माध्यम से सीएस एटी1 बॉन्ड में किए गए अपने निवेश के संबंध में गंभीर लापरवाही, जानबूझकर गलत जानकारी देने, ग्राहकों का गलत वर्गीकरण करने, उत्पाद की विशेषताओं का खुलासा नहीं करने, वित्तीय लाभ उठाने के गलत इस्तेमाल और निवेश की उपयुक्तता के सिद्धांतों का उल्लंघन करने के आरोप लगाए थे।

अदालत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि निवेशक बैंक के खिलाफ अपने दावों को साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य पेश करने में विफल रहे। वे यह भी साबित नहीं कर सके कि बैंक के कारण उन्हें कोई नुकसान हुआ।

बैंक ने कहा कि सभी सात फैसलों में निवेशकों को मुकदमे की कार्यवाही का खर्च उठाने का आदेश दिया गया।

राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निपटान आयोग (एनसीडीआरसी) द्वारा इस साल मार्च सीएस एटी1 बॉन्ड निवेशकों की बैंक के खिलाफ दायर शिकायतों को खारिज किए जाने के बाद बहरीन में बैंक के पक्ष में फैसले आए।

एचडीएफसी बैंक के अनुसार, एनसीडीआरसी ने कहा था कि बैंक की भूमिका केवल सुविधा प्रदान करने तक सीमित थी और निवेशकों को सीएस एटी1 बॉन्ड में निवेश करने या नहीं करने का पूरा अधिकार था।

आयोग ने यह भी कहा था कि निवेशकों ने अपनी इच्छा से निवेश किया था और निवेश से अपेक्षित रिटर्न नहीं मिलने के बाद ही बैंक से संपर्क किया।

एचडीएफसी बैंक ने कहा कि वह उन दावों के खिलाफ अपना बचाव जारी रखेगा जिन्हें वह ‘बिना पर्याप्त आधार वाले दावे’ मानता है, जबकि जहां आवश्यक होगा, ग्राहकों के साथ खड़ा रहेगा।

बैंक ने कहा, ‘‘बैंक ग्राहकों के अपने विवेक से किए गए निवेश की गारंटी देने के कारोबार में नहीं है। इसलिए, वह बिना पर्याप्त आधार वाले दावों के खिलाफ मजबूती से अपना बचाव करेगा।’’

भाषा रमण अजय

अजय