समुद्री क्षेत्रों से तेल-गैस खोज के लिए बोली की समयसीमा 15 नवंबर तक बढ़ाई गई

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समुद्री क्षेत्रों से तेल-गैस खोज के लिए बोली की समयसीमा 15 नवंबर तक बढ़ाई गई

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  • Publish Date - September 10, 2026 / 05:54 PM IST,
    Updated On - September 10, 2026 / 05:54 PM IST

नयी दिल्ली, 10 सितंबर (भाषा) सरकार ने गहरे और अधिक गहरे समुद्री क्षेत्रों में तेल एवं गैस खोज के लिए बोली जमा करने की समयसीमा दो महीने और बढ़ाकर 15 नवंबर, 2026 कर दी है।

पेट्रोलियम मंत्रालय के हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (डीजीएच) के मुताबिक, यह समयसीमा खुला क्षेत्र लाइसेंसिंग नीति (ओएएलपी) के दसवें और 11वें दौर के तहत बोली के लिए रखे गए गहरे और अधिक गहरे समुद्री क्षेत्रों के लिए बढ़ाई गई है।

इन क्षेत्रों के लिए बोली जमा करने की अंतिम तारीख पहले 17 सितंबर, 2026 तक बढ़ाई गई थी। यह इस समयसीमा का एक और विस्तार है।

हालांकि डीजीएच ने समयसीमा बढ़ाने का कोई कारण नहीं बताया है। लेकिन उद्योग सूत्रों ने कहा कि इस संबंध हाल में घोषित ‘समुद्र मंथन राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना’ के नियमों के लंबित होने से जुड़ा हो सकता है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 84,084 करोड़ रुपये की समुद्र मंथन योजना को जुलाई में मंजूरी दी थी। इसके तहत गहरे और अति-गहरे समुद्र में कुएं खोदने की लागत का 50 प्रतिशत तक खर्च सरकार वहन करेगी।

ओएएलपी-10 के तहत रखे गए कुल 25 ब्लॉक में छह तटवर्ती, छह उथले पानी वाले, एक गहरे पानी वाला और 12 अधिक गहरे पानी वाले ब्लॉक हैं। वहीं, ओएएलपी-11 में शामिल कुल 21 ब्लॉक में 12 तटवर्ती, चार उथले पानी वाले, एक गहरे समुद्री और चार अति-गहरे समुद्री ब्लॉक हैं।

दोनों दौर की बोली प्रक्रिया के तहत तटवर्ती और उथले पानी वाले क्षेत्रों के लिए बोली जमा करने की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। अब कंपनियों को बचे हुए गहरे और अधिक गहरे समुद्री क्षेत्रों के लिए बोली लगाने का अवसर 15 नवंबर तक मिलेगा।

भाषा प्रेम प्रेम योगेश

योगेश