Empolyees Fired News: नौकरी से निकाले जायेंगे 500 कर्मचारी.. इस दिग्गज कंपनी ने किया छंटनी का ऐलान, खुद ही बताई वजह
Empolyees Fired News: सरकार की सख्ती के बाद क्विक कॉमर्स कंपनियों ने 10 मिनट में सामान पहुंचाने की ब्रांडिंग से दूरी बनानी शुरू कर दी है। ब्लिंकिट के बाद अब जेप्टो, स्विगी इंस्टामार्ट और फ्लिपकार्ट मिनट्स ने भी अपने प्लेटफॉर्म से चंद मिनटों में डिलीवरी के वादे को हटा दिया है।
Empolyees Fired News || Image- Getty Images file
- केटीएम में 500 कर्मचारियों की छंटनी
- ग्लोबल राइटसाइजिंग के तहत फैसला
- बजाज ऑटो की रणनीतिक लागत कटौती
नई दिल्ली: बजाज मोबिलिटी एजी ने केटीएम एजी में लगभग 500 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की है। यह कदम कंपनी के ‘ग्लोबल राइटसाइजिंग’ कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य लागत घटाकर, संगठनात्मक ढांचे को बेहतर बनाकर और उत्पाद व पोर्टफोलियो पर ध्यान केंद्रित करते हुए दीर्घकाल में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत करना है। (Empolyees Fired News) यह जानकारी बजाज ऑटो द्वारा बीएसई को दी गई एक नियामकीय सूचना में साझा की गई।
ऑस्ट्रिया की बजाज मोबिलिटी एजी (पूर्व में पीआईईआरईआर मोबिलिटी एजी) केटीएम ग्रुप की होल्डिंग कंपनी है। केटीएम, हस्कर्ना और जीएसएसजीएसएस ब्रांड के साथ केटीएम एजी यूरोप की प्रमुख प्रीमियम मोटरसाइकिल विनिर्माता कंपनियों में शामिल है। नियामकीय सूचना के अनुसार, इस आवश्यक पुनर्संयोजन के तहत करीब 500 कर्मचारियों की कटौती जरूरी मानी गई है। दिसंबर 2025 तक कंपनी में कुल 3,794 कर्मचारी थे।
गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में पुणे स्थित बजाज ऑटो ने ऑस्ट्रिया की मोटरसाइकिल निर्माता कंपनी केटीएम में बड़ी हिस्सेदारी खरीदी थी। इससे पहले, मई 2025 में बजाज ऑटो ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी बजाज ऑटो इंटरनेशनल होल्डिंग्स बीवी के माध्यम से केटीएम में बहुलांश भागीदारी हासिल करने की घोषणा की थी।
जेप्टो, स्विगी इंस्टामार्ट और फ्लिपकार्ट कदम
सरकार की सख्ती के बाद क्विक कॉमर्स कंपनियों ने 10 मिनट में सामान पहुंचाने की ब्रांडिंग से दूरी बनानी शुरू कर दी है। ब्लिंकिट के बाद अब जेप्टो, स्विगी इंस्टामार्ट और फ्लिपकार्ट मिनट्स ने भी अपने प्लेटफॉर्म से चंद मिनटों में डिलीवरी के वादे को हटा दिया है। (Empolyees Fired News) यह फैसला डिलीवरी साझेदारों की सुरक्षा और कल्याण को लेकर सरकार और श्रमिक अधिकार समूहों की बढ़ती चिंताओं के मद्देनजर लिया गया है।
केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने हाल ही में हितधारकों के साथ हुई बैठक में क्विक कॉमर्स कंपनियों को डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की सलाह दी थी। उन्होंने खास तौर पर 10 मिनट जैसी सख्त समय-सीमा में डिलीवरी के वादों को हटाने का सुझाव दिया था, ताकि कामगारों पर अनावश्यक दबाव न पड़े।
विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक त्वरित डिलीवरी का दबाव गिग वर्करों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। इससे सड़क सुरक्षा से समझौता होने और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। (Empolyees Fired News) सरकार के निर्देश के बाद ब्लिंकिट ने पहले ही अपने प्लेटफॉर्म से 10 मिनट में डिलीवरी का दावा हटा दिया था, और अब अन्य प्रमुख कंपनियों ने भी इसी राह पर कदम बढ़ाया है।
हालांकि इस मामले पर जेप्टो, स्विगी इंस्टामार्ट और फ्लिपकार्ट मिनट्स की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं मिल सकी है। उल्लेखनीय है कि देश में क्विक कॉमर्स का बाजार तेजी से बढ़ा है, लेकिन इसी के साथ डिलीवरी साझेदारों की कामकाजी परिस्थितियों और सुरक्षा को लेकर सवाल भी उठते रहे हैं। नए साल की पूर्व संध्या पर गिग वर्करों की देशव्यापी हड़ताल ने भी 10 मिनट डिलीवरी सेवा के विरोध में कर्मचारियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और आय से जुड़े मुद्दों को उजागर किया था।
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