शह मात The Big Debate: विवादित बोल ही भाए..बरैया क्यों बौराए? विधायक बरैया के विवादित बोल से क्या कांग्रेस सहमत है?
MP News: विवादित बोल ही भाए..बरैया क्यों बौराए? विधायक बरैया के विवादित बोल से क्या कांग्रेस सहमत है?
MP News | Photo Credit: IBC24 Customize
- फूल सिंह बरैया ने दलित-आदिवासी मंच पर सांसदों की तुलना कुत्तों से की
- बरैया पहले भी कई विवादित और आपत्तिजनक बयान दे चुके हैं
- कांग्रेस में बरैया को लेकर दो धड़े – विरोधी और समर्थक मौजूद हैं
भोपाल: MP News दलितों के बड़े नेता और कांग्रेस के विधायक फूल सिंह बरैया का ये बयान सुर्खियों मे है। सुर्खियों में इसलिए भी क्योंकि बतौर विधायक बरैया ने ये बयान दलित आदिवासियों के बड़े मंच पर दलित चिंतकों की मौजूदगी में दिया है। जब बरैया ज़हर उगल रहे थे तो मंच पर दिग्विजय सिंह, उदित राज, और के राजू जैसे दिग्गज मौजूद थे, लेकिन बरैया के बयान पर सामने बैठी भीड़ तालियां बजा रही थी। यानी साफ है कि बरैया के बयान को दलित आदिवासियों ने दिल खोलकर समर्थन दिया है। हैरानी इस बात की कि फूल सिंह बरैया खुद एक विधायक भी हैं और विधायक सांसदों की तुलना कुत्ते से कर रहे हैं। वो भी बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की आड़ में जाहिर है फूल सिंह बरैया का बयान ना तो कांग्रेस के गले उतर रहा है ना ही बीजेपी के
MP Politics News ये पहला मौका नहीं है जब फूल सिंह बरैया ने अपने मुंह से ज़हर उगला हो। इसके पहले भी बरैया सामाजिक ताने बाने को बिगाड़ने वाले कई बयान दे चुके हैं। चुनावों के वक्त बरैया ने पुलिसवालों की खाल उतारकर भूंसा भर देने का बयान दिया था। रानी लक्ष्मीबाई ने आत्महत्या की थी वो वीरांगना नहीं थीं। लव जिहाद को पॉजिटिव बता चुके हैं। बरैया सवर्णों को बाहरी बताकर कहा था कि सवर्णों की महिलाओं को लड्डू देकर दलित अपनी पत्नी बनाएं, दलित महिलाएं बलात्कार सह लेंगी लेकिन अंबेडकर का अपमान नहीं। भारत हिंदू राष्ट्र नहीं बन सकता क्योंकि हिंदू ही दलितों पर अत्याचार करता है।
ये वो घोर आपत्तिजनक बयान हैं जो फूल सिंह बरैया बरसों से देते आए हैं। कभी इन बयानों को लेकर बरैया ने सार्वजनिक तौर पर माफी नहीं मांगी। बावजूद इसके कांग्रेस के नेता फूल सिंह बरैया जैसे विधायक का बचाव करते हैं।
दरअसल फूल सिंह बरैया को लेकर कांग्रेस में दो धड़े हैं। एक वो जो बरैया को पसंद नहीं करता दूसरा वो जो फूल सिंह बरैया के जरिए पॉलिटिकल माइलेज लेना चाहता है। बरैया को दलितों का बड़ा नेता बता कर उन्हें संघ के सामने खड़ा करने की कोशिश भी दूसरा धड़ा अमूमन करता है। कांग्रेस को ये लगता है कि बरैया पर हो रहे सियासी हमलों से कांग्रेस को सहानुभूति मिलेगी। जिसका असर चुनावों में नज़र आएगा।’
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