विरोध के तीव्र होने की आशंकाओं के बीच बांग्लादेश ने किया बंदरगाह समझौते से पीछे हटने का फैसला

विरोध के तीव्र होने की आशंकाओं के बीच बांग्लादेश ने किया बंदरगाह समझौते से पीछे हटने का फैसला

विरोध के तीव्र होने की आशंकाओं के बीच बांग्लादेश ने किया बंदरगाह समझौते से पीछे हटने का फैसला
Modified Date: February 8, 2026 / 09:12 pm IST
Published Date: February 8, 2026 9:12 pm IST

ढाका, आठ फरवरी (भाषा) बांग्लादेश ने रविवार को रणनीतिक समुद्री बंदरगाह शहर चटगांव के एक प्रमुख कंटेनर टर्मिनल को विदेशी कंपनी को पट्टे पर देने की योजना से पीछे हटने का फैसला किया।

यह फैसला 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव से पहले बढ़ते विरोध के बीच लिया गया है।

यूनुस सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह घोषणा उस समय की जब बंदरगाह के मजदूरों ने अंतरिम सरकार की योजना के खिलाफ एक नई अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है।

इसके पहले मजदूर छह दिन तक काम बंद रख चुके थे और उसके बाद दो दिन का विराम लिया था।

सरकार की यह योजना बंदरगाह को विदेशी कंपनी को पट्टे पर देने की थी।

बांग्लादेश निवेश विकास प्राधिकरण (बीआईडीए) के चेयरमैन आशिक बिन हारुन ने राजधानी में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘व्यवहारिक दृष्टि से इस बंदरगाह को पट्टे पर देने पर चर्चा इस सरकार के कार्यकाल के बाद भी जारी रह सकती है और आगामी चुनाव के बाद अगली सरकार के तहत आगे बढ़ेगी।’

अधिकारी ने कहा कि दुबई की कंपनी डीपी वर्ल्ड को न्यू मूरिंग कंटेनर टर्मिनल (एनसीटी) पट्टे पर देने पर बातचीत अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी थी।

हालांकि, बीआईडीए के अध्यक्ष ने बताया कि डीपी वर्ल्ड ने हाल ही में बांग्लादेश को एक पत्र भेजकर बातचीत की प्रगति की सराहना की, लेकिन समझौते के मसौदे की समीक्षा के लिए और समय मांगा।

भाषा

योगेश नरेश

नरेश


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