बैंक यूनियन ने फंसा कर्ज बढ़ने की आशंका से ‘कर्ज मेलों’ का विरोध किया

बैंक यूनियन ने फंसा कर्ज बढ़ने की आशंका से ‘कर्ज मेलों’ का विरोध किया

बैंक यूनियन ने फंसा कर्ज बढ़ने की आशंका से ‘कर्ज मेलों’ का विरोध किया
Modified Date: November 29, 2022 / 07:46 pm IST
Published Date: September 5, 2022 6:09 pm IST

मुंबई, पांच सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र राज्य बैंक कर्मचारी महासंघ (एमएसबीईएफ) ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा आयोजित किए जाने वाले ‘कर्ज मेलों’ का विरोध किया है।

महासंघ ने आशंका जताई कि ऐसे आयोजनों में अधिक परिश्रम के बिना दिए गए ऋण से गैर-निष्पादित आस्तियों (एनपीए) यानी फंसे कर्ज बढ़ते हैं।

एमएसबीईएफ ने एक बयान में कहा कि इस तरह के मेलों में बहुत परिश्रम के बिना ऋण दिए जाते हैं, जिसका परिणाम एनपीए के रूप में सामने आता है।

यह बयान ऐसे दिन आया है, जब केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड महाराष्ट्र के औरंगाबाद में एक ऋण मेले में शामिल हो रहे हैं। इस मेले में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने कुल 2,900 करोड़ रुपये का कर्ज देने का लक्ष्य तय किया है।

एमएसबीईएफ ने कहा कि पिछले अनुभव से पता चलता है कि कर्जदार ऐसे ऋणों को चुकाते नहीं हैं, और कोई भी राजनीतिक दल ऋण वसूली प्रक्रिया में मदद नहीं करता है।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण


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