बैंक अधिकतम 75 प्रतिशत अधिग्रहण राशि को कर सकेंगे वित्तपोषितः आरबीआई

बैंक अधिकतम 75 प्रतिशत अधिग्रहण राशि को कर सकेंगे वित्तपोषितः आरबीआई

बैंक अधिकतम 75 प्रतिशत अधिग्रहण राशि को कर सकेंगे वित्तपोषितः आरबीआई
Modified Date: February 13, 2026 / 10:45 pm IST
Published Date: February 13, 2026 10:45 pm IST

मुंबई, 13 फरवरी (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को अधिग्रहण के लिए वित्तपोषण पर अंतिम दिशानिर्देश जारी करते हुए बैंकों के लिए ऋण सीमा बढ़ाकर सौदे के मूल्य का अधिकतम 75 प्रतिशत कर दिया।

इसके पहले मसौदा नियमों में यह सीमा 70 प्रतिशत प्रस्तावित थी।

केंद्रीय बैंक ने कहा कि कुल बैंक वित्तपोषण अधिग्रहण मूल्य के 75 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा, जिसका स्वतंत्र आकलन संबंधित बैंक द्वारा किया जाएगा। शेष राशि अधिग्रहण करने वाली कंपनी को अपने संसाधनों से जुटानी होगी।

नए नियमों के तहत बैंक प्रवर्तकों की हिस्सेदारी को भी वित्तपोषित कर सकेंगे, बशर्ते अधिग्रहण के बाद ऋण-इक्विटी अनुपात निरंतर आधार पर 3:1 से अधिक न हो। अधिग्रहीत इक्विटी शेयर या अनिवार्य रूप से परिवर्तनीय डिबेंचर किसी भी प्रकार के भार से मुक्त होने चाहिए।

आरबीआई ने बैंकों को अधिग्रहण वित्तपोषण के लिए निदेशक मंडल से अनुमोदित नीति बनाने के लिए कहा है। पात्र उधारकर्ता की न्यूनतम शुद्ध संपत्ति 500 करोड़ रुपये और लगातार तीन वर्षों का शुद्ध लाभ होना आवश्यक है। गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के लिए निवेश-योग्य रेटिंग भी अनिवार्य होगी।

आरबीआई के ये दिशानिर्देश एक अप्रैल से प्रभावी हो जाएंगे।

केंद्रीय बैंक ने अक्टूबर के अंत में पहली बार एक मसौदा जारी किया था, जिसमें बैंकों को अधिग्रहण के लिए वित्तपोषण की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा गया था। इससे पहले तक बैंकों को इस तरह की गतिविधि की अनुमति नहीं थी।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण


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