बिहार में पहली तिमाही तक वाणिज्यिक कर संग्रह 16.47 प्रतिशत बढ़ा
बिहार में पहली तिमाही तक वाणिज्यिक कर संग्रह 16.47 प्रतिशत बढ़ा
पटना, एक जुलाई (भाषा) बिहार सरकार के वाणिज्यिक कर विभाग ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (एक अप्रैल से 30 जून) में कर संग्रह में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है। विभाग की अनंतिम तुलनात्मक राजस्व संग्रह रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में कुल 9,726.37 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह हुआ, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 8,351.08 करोड़ रुपये की तुलना में 16.47 प्रतिशत अधिक है।
रिपोर्ट के अनुसार, पहली तिमाही में राज्य का कुल
माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह 8,183.11 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 7,589.03 करोड़ रुपये था। इसमें राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) से 2,469.33 करोड़ रुपये, आईजीएसटी से 5,712.30 करोड़ रुपये तथा अन्य मदों से 1.48 करोड़ रुपये का संग्रह शामिल है।
गैर-जीएसटी मदों से पहली तिमाही में 1,543.26 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 762.05 करोड़ रुपये की तुलना में दोगुना से ज्यादा है। इसमें पेट्रोलियम उत्पादों से 1,064.66 करोड़ रुपये, विद्युत शुल्क (इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी) से 468.86 करोड़ रुपये, पेशेवर कर (प्रोफेशन टैक्स) से 9.67 करोड़ रुपये तथा सीएल एवं आईएमएफएल से सात लाख रुपये का संग्रह शामिल है।
केवल जून, 2026 के दौरान विभाग ने कुल 3,522.69 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया। इसमें जीएसटी से 2,654.06 करोड़ रुपये तथा गैर-जीएसटी मदों से 868.63 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई।
रिपोर्ट के अनुसार, वित्त विभाग ने पहली तिमाही के लिए 11,035.63 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया था। इसके मुकाबले विभाग ने 9,726.37 करोड़ रुपये की वसूली करते हुए 88.14 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया। वहीं, केवल जून माह में 3,767.74 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 3,522.69 करोड़ रुपये का संग्रह कर 93.50 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया गया।
राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि बिहार एक उपभोक्ता बहुल राज्य है, जीएसटी का फायदा राज्य को मिलने लगा है। साल दर साल जीएसटी संग्रह में बढ़ोतरी हो रहा है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में वाणिज्यिक कर संग्रह 16.47 प्रतिशत बढ़ा है।
भाषा कैलाश जोहेब अजय
अजय

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