बिहार में बैंकों की प्रदर्शन-आधारित रैंकिंग शुरू, बेहतर प्रदर्शन पर सरकार रखेगी अपनी राशि

बिहार में बैंकों की प्रदर्शन-आधारित रैंकिंग शुरू, बेहतर प्रदर्शन पर सरकार रखेगी अपनी राशि

बिहार में बैंकों की प्रदर्शन-आधारित रैंकिंग शुरू, बेहतर प्रदर्शन पर सरकार रखेगी अपनी राशि
Modified Date: January 22, 2026 / 08:17 pm IST
Published Date: January 22, 2026 8:17 pm IST

पटना, 22 जनवरी (भाषा) बिहार में बैंकों की प्रदर्शन-आधारित रैंकिंग प्रणाली शुरू कर दी गई है और बेहतर प्रदर्शन करने वाले बैंकों में ही राज्य सरकार अपनी राशि रखेगी।

बृहस्पतिवार को राज्य के वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की बैठक में कहा कि बैंकों के कार्यों की निगरानी के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी, जिसकी अध्यक्षता विकास आयुक्त करेंगे। उन्होंने बैंकों से बिहार के विकास में सक्रिय योगदान देने का आग्रह किया।

वित्त मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में बैंकों की उपेक्षा बेहद चिंता की बात है। उन्होंने बताया कि राज्य का साख-जमा (सीडी) अनुपात राष्ट्रीय औसत की तुलना में काफी कम है, जो गंभीर चिंता का विषय है।

यादव ने चेतावनी दी कि यदि बैंक अपनी रैंकिंग में सुधार नहीं करेंगे तो बिहार में सरकार उन्हें कई प्रकार की सुविधाओं से वंचित कर देगी। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के लोगों की बैंकों में जमा राशि का दूसरे राज्यों में स्थानांतरित होना एक गंभीर मुद्दा है, जिस पर बैंकों को ध्यान देना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि बिहार का सीडी अनुपात लगभग 58 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय औसत 77 प्रतिशत के आसपास है।

वित्त विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशोर ने रैंकिंग के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सौ अंकों के पैमाने पर केवल 11 बैंक 40 अंक या उससे अधिक प्राप्त कर सके हैं, जबकि 23 बैंक 40 अंक से कम पर रहे हैं।

कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के लक्ष्य की तुलना में कम वितरण का मुद्दा उठाया और कहा कि किसानों को केसीसी के तहत मात्र तीन प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण दिया जाता है।

उद्योग मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा राज्य की उद्योग नीति देश की सबसे अच्छी नीति है। उन्होंने कहा कि निवेशक बिहार में निवेश करने को आगे आने लगे हैं। अब जरूरत है बैंकों को सहयोग करने की।

इस अवसर पर विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, भारतीय रिजर्व बैंक और नाबार्ड के क्षेत्रीय अधिकारी, तथा भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक सहित विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

भाषा कैलाश

राजकुमार रमण

रमण


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