पटना, तीन जुलाई (भाषा) बिहार में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और निवेशकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से लागू बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज की अवधि 31 दिसंबर, 2026 अथवा नई औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति-2026 लागू होने की तिथि तक बढ़ा दी गई है। यह जानकारी औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) की ओर से दी गई है।
राज्य सरकार के निर्देश पर बियाडा ने इस पैकेज की अवधि, जो पहले 30 जून तक निर्धारित थी, को बढ़ाकर 31 दिसंबर, 2026 अथवा नई औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति-2026 लागू होने की तिथि तक कर दी है, ताकि अधिक से अधिक निवेशक इसका लाभ उठा सकें।
उल्लेखनीय है कि बिहार में औद्योगिक विकास को गति देने और अगले पांच साल में एक करोड़ रोजगार के अवसर सृजित करने के लक्ष्य के तहत राज्य सरकार के निर्देश पर बियाडा ने पिछले वर्ष बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज-2025 लागू किया था। इसका उद्देश्य निवेशकों को राज्य में उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
बियाडा की ओर से जारी बयान के अनुसार, इस पैकेज का लाभ लेने की अंतिम तिथि पहले 31 मार्च, 2026 निर्धारित की गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 30 जून, 2026 कर दिया गया था। अब निवेशकों के हितों को ध्यान में रखते हुए इसकी अवधि 31 दिसंबर, 2026 अथवा नई औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति-2026 लागू होने तक बढ़ा दी गई है।
बयान के अनुसार, इस प्रोत्साहन पैकेज के तहत एक रुपये की सांकेतिक (टोकन) राशि पर निवेशकों को निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके तहत 100 करोड़ रुपये के निवेश और 1,000 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने पर 10 एकड़ भूमि, 1,000 करोड़ रुपये के निवेश पर 25 एकड़ भूमि, 200 करोड़ रुपये के निवेश पर 10 एकड़ भूमि तथा फॉर्च्यून-500 सूची में शामिल कंपनियों को 10 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
बयान के अनुसार, जो निवेशक इस योजना के तहत निःशुल्क भूमि का विकल्प नहीं चुनेंगे, उन्हें बियाडा की निर्धारित भूमि दर पर 50 प्रतिशत की छूट के साथ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
भाषा कैलाश
राजकुमार अजय
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