बीपीसीएल-सेम्बकॉर्प के संयुक्त उद्यम ने सबसे कम कीमत की बोली के साथ हरित हाइड्रोजन ठेका किया हासिल

बीपीसीएल-सेम्बकॉर्प के संयुक्त उद्यम ने सबसे कम कीमत की बोली के साथ हरित हाइड्रोजन ठेका किया हासिल

बीपीसीएल-सेम्बकॉर्प के संयुक्त उद्यम ने सबसे कम कीमत की बोली के साथ हरित हाइड्रोजन ठेका किया हासिल
Modified Date: March 24, 2026 / 04:50 pm IST
Published Date: March 24, 2026 4:50 pm IST

नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और सेम्बकॉर्प ग्रीन हाइड्रोजन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के 50:50 के संयुक्त उद्यम न्यूएन ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड को नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) को प्रतिवर्ष 10,000 टन हरित हाइड्रोजन की आपूर्ति का ठेका मिला है।

न्यूएन असम के नुमालीगढ़ रिफाइनरी में हरित हाइड्रोजन उत्पादन संयंत्र विकसित करेगी, जो 279 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से हरित हाइड्रोजन की आपूर्ति करेगा। यह देश में अब तक की सबसे कम कीमत है।

कंपनी के बयान के अनुसार, इसके 2028 में वाणिज्यिक संचालन शुरू करने की उम्मीद है और इसमें नवीकरणीय ऊर्जा को उन्नत भंडारण समाधानों के साथ जोड़ा जाएगा। इससे रिफाइनरी के कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए चौबीसों घंटे विश्वसनीय संचालन संभव हो सकेगा।

इसमें कहा गया, ‘‘ भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और सेम्बकॉर्प ग्रीन हाइड्रोजन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का 50:50 के संयुक्त उद्यम न्यूएन ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड ने नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) को प्रति वर्ष 10,000 टन हरित हाइड्रोजन की आपूर्ति करने का ठेका हासिल किया है।’’

कंपनियों ने हालांकि वित्तीय विवरण का खुलासा नहीं किया, लेकिन सूत्रों के अनुसार विजेता बोली 279 रुपये (3.08 डॉलर) प्रति किलोग्राम की रही। भारत में प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया में अब तक यह सबसे कम कीमत है।

भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक संजय खन्ना ने कहा, ‘‘ यह परियोजना भविष्य के लिए तैयार और मजबूत ऊर्जा खंड के निर्माण की बीपीसीएल की यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। न्यूएन के माध्यम से हम हरित हाइड्रोजन मूल्य श्रृंखला में अपनी उपस्थिति मजबूत कर रहे हैं और स्वच्छ ऊर्जा समाधान के आपूर्तिकर्ता बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।’’

सेम्बकॉर्प में नवीकरणीय कारोबार (पश्चिम) के अध्यक्ष एवं हाइड्रोजन कारोबार के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विपुल तुली ने कहा, ‘‘ यह उपलब्धि भारत की हरित हाइड्रोजन महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही कम कार्बन वाले ऊर्जा भविष्य को संभव बनाने की सेम्बकॉर्प की रणनीति के अनुरूप है।’’

भाषा निहारिका अजय

अजय


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