बजट में सात क्षेत्रों में विनिर्माण गतिविधियों पर प्रोत्साहन की घोषणा
बजट में सात क्षेत्रों में विनिर्माण गतिविधियों पर प्रोत्साहन की घोषणा
(तस्वीर के साथ)
नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) देश की विनिर्माण पारिस्थितिकी को मजबूत करने के लिए रविवार को पेश बजट में सात ‘रणनीतिक और उभरते क्षेत्रों’ पर विशेष ध्यान देने का प्रस्ताव रखा गया। इनमें दुर्लभ पृथ्वी चुंबक, वस्त्र, सेमीकंडक्टर और कंटेनर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने नौवें बजट भाषण में ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जिन तीन ‘कर्तव्यों’ की घोषणा की, उनमें विनिर्माण का विस्तार करना भी एक प्रमुख स्तंभ है।
सरकार ने औषधि, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक कलपुर्जा, दुर्लभ पृथ्वी खनिज, रसायन, पूंजीगत उत्पादन और वस्त्र जैसे सात प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की है।
बजट 2026-27 में विनिर्माण को केंद्र में रखा गया है, जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पूरे बजट भाषण में ‘विनिर्माण’ शब्द का 24 बार उल्लेख किया गया।
बजट में बायोफार्मा और कंटेनर विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के लिए कुल 20,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें बायोफार्मा शक्ति योजना के तहत अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 उपकरण, सामग्री और स्वदेशी बौद्धिक संपदा विकास पर केंद्रित होगा। इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्जा विनिर्माण योजना का परिव्यय बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये किया गया है।
इसके अलावा दुर्लभ पृथ्वी चुंबकों, रसायन, पूंजीगत वस्तु, वस्त्र, खेल सामग्री और समुद्री विमानों के विनिर्माण को भी बजट में समर्थन दिया गया है।
भाषा
सुमित प्रेम
प्रेम

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