नयी दिल्ली, 3 जनवरी (भाषा) केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को राज्यों से अपने बजट के रणनीतिक उपयोग का आग्रह किया और चेताया कि खर्च में देरी से राज्यों को नुकसान होता है और केंद्र से मिलने वाले कोष को समय पर जारी करने में बाधा आती है।
राज्य कृषि मंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा कि विभिन्न योजनाओं के लिए आरक्षित धन को मार्च से पहले खर्च करना आवश्यक है, ताकि प्रशासनिक अड़चनों के कारण कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में देरी न हो।
उन्होंने कहा, ”यदि राज्य समय पर अपने बजट का उपयोग नहीं कर पाते हैं, तो इससे उन्हें नुकसान होता है।”
मंत्री ने यह भी बताया कि अक्सर छोटे प्रशासनिक और प्रक्रियागत कारणों से बजट आवंटन में देरी हो जाती है।
बैठक में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (पीएम-आरकेवीवाई) और कृषोन्नति योजना (केवाई) सहित केंद्रीय कृषि योजनाओं की प्रगति और बजट उपयोग की समीक्षा की गई।
चौहान ने पीएम-किसान योजना के तहत पात्र किसानों की शीघ्र सत्यापन, फसल बीमा योजना में कवरेज बढ़ाने और दावों का समय पर निपटान सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने बीज और उर्वरक की उपलब्धता, संतुलित उपयोग और केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत करने पर भी ध्यान दिलाया।
बैठक में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तराखंड और मिजोरम के कृषि मंत्री, कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
भाषा योगेश पाण्डेय
पाण्डेय