केंद्र ने दो लाख करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी देने के लिए डिजिटल प्रणाली शुरू की

केंद्र ने दो लाख करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी देने के लिए डिजिटल प्रणाली शुरू की

केंद्र ने दो लाख करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी देने के लिए डिजिटल प्रणाली शुरू की
Modified Date: January 1, 2026 / 09:58 pm IST
Published Date: January 1, 2026 9:58 pm IST

नयी दिल्ली, एक जनवरी (भाषा) केंद्रीय उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने बृहस्पतिवार को एकीकृत ई-बिल प्रणाली शुरू की जिसकी मदद से सरकार लगभग दो लाख करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी प्रदान कर सकेगी।

एक सरकारी बयान के मुताबिक, यह प्रणाली मानव संचालित, कागज आधारित लेनदेन से पूरी तरह डिजिटल कामकाज की ओर बदलाव को दिखाती है, जिससे बिलों के आदान प्रदान को खत्म किया जा सकेगा।

नड्डा ने इस प्रणाली की शुरुआत के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कहा, ‘यह ऑनलाइन प्रणाली पारदर्शी, प्रभावी और प्रौद्योगिकी संचालित प्रशासन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।’

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उर्वरक सचिव रजत कुमार मिश्रा ने इस पेशकश को विभाग के वित्तीय परिचालन को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

यह पहल उर्वरक विभाग के एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (आईएफएमएस) और वित्त मंत्रालय के महालेखा नियंत्रक (सीजीए) के सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के बीच एक प्रौद्योगिकीय साझेदारी का नतीजा है।

यह प्रणाली खर्चों पर वास्तविक समय पर निगरानी और मजबूत वित्तीय नियंत्रण देती है, जिसमें सभी भुगतानों को केन्द्रीय स्तर पर देखा और रिपोर्ट किया जा सकता है।

ई-बिल मंच उर्वरक कंपनियों को ऑनलाइन दावा पेश करने और वास्तविक समय में भुगतान स्थिति का पता लगाने की सुविधा देता है। इससे भौतिक रुप से उसका पता लगाने और उसके लिए कहीं आने जाने की जरुरत खत्म हो जाती है।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण प्रेम

प्रेम


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