नयी दिल्ली, 25 सितंबर (भाषा) केंद्र सरकार चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में 7.86 लाख करोड़ रुपये बाजार से कर्ज लेगी। इससे पूरे वित्त वर्ष के लिए कुल कर्ज में 1,20,494 करोड़ रुपये की बड़ी कमी आएगी।
वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को बयान में कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में सरकार का प्रतिभूतियों के जरिये कुल 15,99,506 करोड़ रुपये का कर्ज लेने का अनुमान है, जबकि बजट में इसके लिए 17,20,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘केंद्र ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के साथ विचार-विमर्श के बाद वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में 7,86,000 करोड़ रुपये उधार लेने का फैसला किया है। इसमें 15,000 करोड़ रुपये के सरकारी हरित बॉन्ड भी शामिल हैं।
चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में सरकार इस महीने के अंत तक बॉण्ड के जरिये 8,13,506 करोड़ रुपये जुटाएगी। यह 8.2 लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य से थोड़ा कम है। सरकार इस राशि का उपयोग राजस्व अंतर को पूरा करने के लिए करेगी।
बयान के अनुसार, दूसरी छमाही में 7,86,000 करोड़ रुपये का सकल बाजार कर्ज 23 साप्ताहिक नीलामियों के जरिये जुटाया जाएगा।
यह उधार तीन, पांच, सात, 10, 15, 30, 40 और 50 साल की अवधि वाली सरकारी प्रतिभूतियों के जरिये लिया जाएगा।
मंत्रालय के अनुसार, दूसरी छमाही के कुल ऋण में तीन साल की अवधि वाले बॉन्ड की हिस्सेदारी 6.9 प्रतिशत, पांच साल की 12.1 प्रतिशत, सात साल की 9.1 प्रतिशत, 10 साल की 26.3 प्रतिशत, 15 साल की 17.6 प्रतिशत, 30 साल की 9.2 प्रतिशत, 40 साल की 8.9 प्रतिशत और 50 साल की 9.9 प्रतिशत होगी। इसमें सरकारी हरित बॉण्ड भी शामिल हैं।
हरित बॉण्ड सरकार द्वारा जारी किया जाने वाला ऐसा सरकारी बॉण्ड है, जिससे जुटाई गई राशि का उपयोग पर्यावरण और जलवायु से जुड़ी परियोजनाओं के लिए किया जाता है।
भाषा योगेश रमण
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