एनएसई की अपने ही मंच पर सूचीबद्धता संभव, फैसला सेबी के अधिकार क्षेत्र में : चेयरमैन

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एनएसई की अपने ही मंच पर सूचीबद्धता संभव, फैसला सेबी के अधिकार क्षेत्र में : चेयरमैन

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  • Publish Date - September 25, 2026 / 06:27 PM IST,
    Updated On - September 25, 2026 / 06:27 PM IST

मुंबई, 25 सितंबर (भाषा) नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के चेयरपर्सन श्रीनिवास इंजेती ने शुक्रवार को कहा कि शेयर बाजारों का अपने ही मंच पर सूचीबद्ध होना संभव है, लेकिन इस बारे में फैसला करना बाजार नियामक सेबी के अधिकार क्षेत्र में आता है।

देश के सबसे बड़े शेयर बाजार एनएसई का शेयर प्रतिद्वंद्वी बीएसई पर सूचीबद्ध होने के एक दिन बाद इंजेती ने कहा कि जो चीजें आज नियमों के तहत मंजूर नहीं हैं, उन्हें बदलते नियमन के साथ भविष्य में अनुमति दी जा सकती है।

मौजूदा नियमों के तहत कोई भी शेयर बाजार अपने ही मंच पर खुद की सूचीबद्धता या अपने शेयरों में कारोबार नहीं कर सकता है। इसी वजह से एनएसई के शेयर बीएसई पर और बीएसई के शेयर एनएसई पर सूचीबद्ध हुए हैं।

इंजेती ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘आज अपने मंच पर सूचीबद्धता की अनुमति नहीं हो सकती है, लेकिन कल को ऐसा हो सकता है। इसे अनुमति देना नियामक के अधिकार क्षेत्र में आता है।’’

उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में ऐसी अनुमति मिलती है और एनएसई सेबी की संतुष्टि के अनुसार सभी जरूरी शर्तें पूरी कर पाता है, तो खुद की सूचीबद्धता वास्तविकता बन सकती है।

उन्होंने बाजार बुनियादी ढांचा संस्थानों (एमआईआई) की सूचीबद्धता का उदाहरण देते हुए कहा कि 2012 से पहले इसकी अनुमति नहीं थी, लेकिन 2015 में इसे मंजूरी दी गई और लागू किया गया।

इंजेती ने कहा कि यदि किसी शेयर बाजार को अपने ही मंच पर सूचीबद्ध किया जाता है, तो उसे सूचीबद्धता दायित्वों और खुलासा शर्तों (एलओडीआर) का अनुपालन करने तथा अपने शेयरों की निगरानी जैसी जिम्मेदारियां भी निभानी होंगी। वहीं, केवल अपने शेयरों में कारोबार की अनुमति मिलने पर शेयर बाजार को कंपनियों की निगरानी की नियामकीय जिम्मेदारी नहीं होगी और यह काम नियामकीय भूमिका निभाने वाला दूसरा शेयर बाजार करेगा।

उन्होंने कहा कि परिपक्व शेयर बाजारों में हेरफेर या अपनी शक्तियों के दुरुपयोग जैसी वास्तविक समस्या की उन्हें आशंका नहीं है। हालांकि, धारणा के स्तर पर हितों का टकराव मौजूद है और उसका उचित ध्यान रखा जाना जरूरी है।

इंजेती ने एक दिन पहले शेयर सूचीबद्धता पर कहा था कि शेयर बाजार के रूप में एनएसई की जिम्मेदारियों और एक कारोबारी संस्था के रूप में उसकी भूमिका में कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने कहा था कि यदि दोनों भूमिकाओं में टकराव होता है, तो नियामकीय जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी जाएगी।

भाषा योगेश प्रेम

प्रेम