एचडीएफसी बैंक के बॉन्ड की गलत बिक्री और खराब प्रदर्शन के कारण दिया इस्तीफा : चक्रवर्ती
एचडीएफसी बैंक के बॉन्ड की गलत बिक्री और खराब प्रदर्शन के कारण दिया इस्तीफा : चक्रवर्ती
मुंबई, 30 मार्च (भाषा) एचडीएफसी बैंक के पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने सोमवार को कहा कि एटी-1 बॉन्ड की गलत बिक्री और देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक के खराब प्रदर्शन के कारण उन्होंने इस्तीफा दिया था। एटी-1 (अतिरिक्त टियर-1) बॉन्ड के कारण बैंक पर नियामकों ने सवाल उठाये थे।
चक्रवर्ती ने कहा कि प्रबंधन के साथ व्यक्तिगत मतभेद ‘बढ़ा-चढ़ाकर’ बताए गए हैं और इस महीने की शुरुआत में दिए गए इस्तीफे का कारण यह बिल्कुल भी नहीं था। उन्होंने कहा कि मूल्यों और नैतिकता में ‘अंतर’ के कारण ही उन्होंने बोर्ड (निदेशक मंडल) से इस्तीफा दिया।
समाचार चैनल सीएनबीसी टीवी-18 के साथ बातचीत में, चक्रवर्ती ने खेद व्यक्त किया कि बैंक प्रबंधन द्वारा एटी-1 बॉन्ड की गलत जानकारी देकर की गई बिक्री को ‘तकनीकी मुद्दा’ माना गया और इस मामले में कार्रवाई आठ साल बाद हुई, जबकि दुबई और भारत के नियामकों ने पहले ही इस मुद्दे को उठाया था।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि (गलत बिक्री से उत्पन्न) इस तरह की गतिविधियों संबंधी मुद्दे नहीं उठने चाहिए…। कड़ी निगरानी से यह सुनिश्चित होना चाहिए कि यदि वे उठते भी हैं, तो उन्हें शुरुआत में ही रोक दिया जाए…।’’
चक्रवर्ती ने कहा कि इस तरह की चीजों से प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने याद दिलाया कि लोग सलाह लेने के लिए बैंक आते हैं, इसलिए यह सुनिश्चित करने के लिए कि गलत बिक्री न हो, क्षतिपूर्ति देने की गतिविधियां मूल्यों के अनुरूप होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रोत्साहन संरचनाएं, प्रबंधन और बोर्ड को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे जमाकर्ताओं, शेयरधारकों और आम जनता के हितों के अनुरूप काम करते हैं।’’
उल्लेखनीय है कि पिछले साल सितंबर में, दुबई के अधिकारियों ने एचडीएफसी बैंक को दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर स्थित अपनी शाखा में नए ग्राहक जोड़ने से रोक दिया था। यह रोक क्रेडिट सुइस के अतिरिक्त टियर-1 बॉन्ड की कथित गलत बिक्री के लिए जुर्माने रूप में लगाई गई थी। इस बॉन्ड को 2023 में बट्टे खाते में डाल दिया गया था।
चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे में मूल्यों और नैतिकता को उन कारकों में शामिल किया, जिन्होंने कार्यकाल समाप्त होने से एक साल पहले पद छोड़ने के उनके निर्णय को प्रभावित किया।
उन्होंने यह भी कहा कि बैंक के ‘कमतर प्रदर्शन’ के कारण यह निर्णय लिया गया। इसमें शेयर की कीमतों का कम रहना, सस्ते चालू और बचत खाता जमाओं की कम हिस्सेदारी और उच्च लागत-आय अनुपात शामिल हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मूल कंपनी एचडीएफसी लिमिटेड का बैंक में विलय करने का इन कारकों से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि बैंक के बेहतर प्रदर्शन को सुनिश्चित करना उनके जैसे स्वतंत्र निदेशकों का कर्तव्य है।
चक्रवर्ती ने यह बात पूंजी बाजार नियामक सेबी द्वारा स्वतंत्र निदेशकों को जिम्मेदारी से काम करने और परोक्ष रूप से कोई बात नहीं करने का संकेत देने की सलाह के कुछ दिनों बाद कही है।
चक्रवर्ती ने कहा कि उन्होंने पत्र में मूल्यों और नैतिकता पर ‘असंगति’ का उल्लेख किया है और लोगों को यह समझने के लिए शब्दकोश की मदद लेने की सलाह दी कि क्या यह संकेत के समान है।
गोपनीयता का हवाला देते हुए, पूर्व नौकरशाह ने इस सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया कि क्या उन्होंने वित्तीय नियामकों को मूल्यों और नैतिकता पर अपने विचारों के बारे में सूचित किया था या क्या उन्होंने इसे बोर्ड स्तर पर उठाया था।
भाषा रमण अजय
अजय

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