चीन का भारतीय उत्पादों के लिए बाजार खोलना, निवेश बढ़ाना दोनों देशों के संबंधों के लिए बेहतर: राजदूत
चीन का भारतीय उत्पादों के लिए बाजार खोलना, निवेश बढ़ाना दोनों देशों के संबंधों के लिए बेहतर: राजदूत
(केजेएम वर्मा)
बीजिंग, चार जुलाई (भाषा) चीन का भारतीय उत्पादों, विशेष रूप से दवाइयों के लिए अपना बाजार खोलना और भारत में चीनी निवेश को बढ़ावा देना दोनों देशों के व्यापक द्विपक्षीय संबंधों के लिए ‘बेहतर’ होगा। चीन में भारत के राजदूत विक्रम दोरईस्वामी ने शनिवार को यह बात कही।
उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित रूप से हम चीन को अधिक निर्यात करना चाहेंगे। इसमें कुछ भी अनुचित नहीं है। विशेषकर दवाइयों समेत उन क्षेत्रों में जहां हमें प्रतिस्पर्धी लाभ प्राप्त है।’’
भारतीय राजदूत ने ये टिप्पणियां चीन की सिंघुआ यूनिवर्सिटी में आयोजित ‘वर्ल्ड पीस फोरम’ में ‘संरक्षणवाद और वैश्विक आर्थिक शासन’ विषय पर एक परिचर्चा के दौरान की।
उन्होंने कहा, “ हम विशेषकर विकसित बाजारों में दुनिया के सबसे बड़े दवा निर्यातकों में से एक हैं।”
भारत लंबे समय से चीन से सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), दवा और कृषि क्षेत्रों को खोलने की मांग करता रहा है, जो भारत की प्रमुख ताकत वाले क्षेत्र हैं।
दोरईस्वामी ने हाल ही में चीन के वाणिज्य मंत्रालय के एशियाई मामलों के विभाग के महानिदेशक वांग लिपिंग के साथ व्यापार संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की थी।
राजदूत ने कहा, “हम आशा करते हैं कि चीनी साझेदार भारतीय कंपनियों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाओं का बाजार खोलेंगे, जिन्हें अमेरिका सहित अन्य देशों को निर्यात किया जाता है।”
उन्होंने कहा, “हम मानते हैं कि यह दोनों देशों के लिए लाभकारी संतुलन है, जिसमें चीन और द्विपक्षीय संबंधों दोनों को फायदा होगा।”
निवेश से जुड़े प्रश्न पर उन्होंने कहा, “चीनी निवेश भी दोनों देशों के व्यापक संबंधों के लिए लाभकारी है।”
उन्होंने कहा कि हाल के समय में भारत सरकार ने चीनी निवेश के लिए नीतिगत ढील दी है और संबंध सामान्य होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
भाषा योगेश रमण
रमण

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