चौहान ने मानसून प्रगति की समीक्षा, खरीफ फसलों की सुरक्षा पर दिया जोर

चौहान ने मानसून प्रगति की समीक्षा, खरीफ फसलों की सुरक्षा पर दिया जोर

चौहान ने मानसून प्रगति की समीक्षा, खरीफ फसलों की सुरक्षा पर दिया जोर
Modified Date: June 2, 2026 / 03:50 pm IST
Published Date: June 2, 2026 3:50 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति की मंगलवार को समीक्षा की।

उन्होंने साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे समय पर कृषि परामर्श जारी करें तथा अल-नीनो के संभावित प्रभाव से खरीफ फसलों को बचाने के लिए राज्यों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखें।

चौहान ने अधिकारियों से मानसून की स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा और बताया कि सरकार सतर्क है।

उन्होंने बैठक में अधिकारियों से कहा, ‘‘ राज्यों के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित करें और त्वरित कार्रवाई करें।’’

आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने किसानों को समय पर सलाह और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।

बयान में कहा गया कि किसानों के हितों की रक्षा एवं खरीफ फसलों पर प्रभाव को कम करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में संबंधित सभी विभागों तथा एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित थे।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के केरल में चार जून के आसपास पहुंचने की संभावना है।

केरल में आम तौर पर मानसून एक जून के आसपास पहुंचता है, जो दक्षिण-पश्चिम मानसून सत्र (जून-सितंबर) की शुरुआत का संकेत होता है।

आईएमडी के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य का करीब 90 प्रतिशत रहने की संभावना है जिससे सामान्य से कम बारिश का संकेत मिलता है और फसलों पर जोखिम का दबाव बढ़ सकता है। खासकर यदि अल-नीनो की स्थिति मजबूत होती है।

भारत की वार्षिक वर्षा में 70-75 प्रतिशत का योगदान देने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून धान जैसी खरीफ फसलों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि शुद्ध बोए गए क्षेत्र के 51 प्रतिशत हिस्से पर सिंचाई नहीं होती तथा वह वर्षा पर निर्भर है।

भाषा निहारिका अजय

अजय


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