कोल इंडिया की इकाई ईसीएल हरियाली का आकलन करने को कर रही एआई ड्रोन का उपयोग

कोल इंडिया की इकाई ईसीएल हरियाली का आकलन करने को कर रही एआई ड्रोन का उपयोग

कोल इंडिया की इकाई ईसीएल हरियाली का आकलन करने को कर रही एआई ड्रोन का उपयोग
Modified Date: January 7, 2026 / 04:03 pm IST
Published Date: January 7, 2026 4:03 pm IST

कोलकाता, सात जनवरी (भाषा) कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) ने पश्चिम बंगाल के सोनपुर-बाजारी खनन क्षेत्र में हरियाली की स्थिति का आकलन करने और भूमि के वैज्ञानिक सुधार के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) संचालित ड्रोन का उपयोग शुरू किया है।

कंपनी ने बताया कि इस आकलन में ड्रोन आधारित मानचित्र, भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) और ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) की मदद से क्षेत्र में पौधों और हरियाली की स्थिति का विश्लेषण तथा जमीनी स्तर पर पारिस्थितिक का सर्वेक्षण किया जा रहा है।

कंपनी के बयान के अनुसार, इस कार्य में ड्रोन सर्वेक्षण और उन्नत भू-स्थानिक तकनीक का उपयोग करके पौधारोपण की प्रगति और पर्यावरण की बहाली का मूल्यांकन किया जा रहा है।

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यह अध्ययन केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीआईएमएफआर) कर रहा है।

ईसीएल ने कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) और ड्रोन प्रौद्योगिकियों के उपयोग से पर्यावरण निगरानी में सटीकता, व्यापकता और निरंतरता बढ़ती है, जिससे खदान बंद करने की योजना और दीर्घकालिक पारिस्थितिक प्रबंधन के लिए बेहतर और पूरी जानकारी के साथ सोच-विचार कर निर्णय लेने में मदद मिलती है।

भाषा योगेश रमण

रमण


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