पश्चिम एशिया संकट के बीच निर्यातकों को बीमा समर्थन देने पर विचार: गोयल
पश्चिम एशिया संकट के बीच निर्यातकों को बीमा समर्थन देने पर विचार: गोयल
नयी दिल्ली, 10 मार्च (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि पश्चिम एशिया संकट के बीच निर्यातकों को मदद देने के लिए सरकार बीमा समर्थन की नई योजना लाने की संभावना तलाश रही है।
गोयल ने यहां संवाददाताओं से कहा कि इस संबंध में निर्यात ऋण गारंटी देने वाली इकाई ईसीजीसी और अन्य विभागों के साथ परामर्श किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “हम निर्यातकों की मदद के लिए बीमा समर्थन जैसी कुछ नई योजनाएं विकसित करने पर भी विचार कर रहे हैं… इस बारे में ईसीजीसी और अन्य विभागों से चर्चा की जा रही है।”
उन्होंने कहा कि एक अंतर-मंत्रालयी समूह पश्चिम एशिया संकट से जुड़े घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है और निर्यातकों के साथ लगातार संपर्क में है।
गोयल ने कहा कि सरकार उन निर्यातकों की मदद के उपाय तलाश रही है जिनका माल भेजा जा चुका है लेकिन मौजूदा हालात के कारण उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार चौबीसों घंटे हालात पर नजर रखे हुए है।
ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच लगातार जारी हमलों से पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है, जिससे तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। यह संकट भारतीय निर्यातकों के लिए इस लिहाज से अहम है कि भारत के लिए पश्चिम एशिया प्रमुख निर्यात बाजारों में से एक है।
इससे पहले गोयल ने ‘आहार खाद्य एवं आतिथ्य मेला’ को संबोधित करते हुए कहा कि भारत को कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के क्षेत्र में दुनिया के शीर्ष निर्यातकों में शामिल होने का लक्ष्य रखना चाहिए। भारत फिलहाल दुनिया का सातवां सबसे बड़ा निर्यातक है।
उन्होंने कहा कि भारत द्वारा अब तक किए गए नौ मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) ने भारतीय उत्पादों के लिए निर्यात के बड़े अवसर खोले हैं।
उन्होंने कहा, “हम अब कनाडा के साथ एक व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे रहे हैं। इसके अलावा पश्चिम एशिया के छह देशों के समूह खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के साथ भी चर्चा शुरू हुई है। यह सब कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए बड़े अवसर प्रदान करता है।”
गोयल ने कहा कि कृषि और मत्स्य उत्पादों का निर्यात वर्तमान में लगभग पांच लाख करोड़ रुपये के आसपास है।
भाषा प्रेम
प्रेम अजय
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