Iran Israel Conflict Update: 12 दिन की जंग, खाड़ी में बढ़ता खतरा! ईरान के हमले जारी लेकिन सऊदी क्यों खामोश? अमेरिका की बेचैनी बढ़ी
Iran Israel conflict Update: मध्य-पूर्व में Iran Israel conflict और United States की भागीदारी के साथ जारी तनाव अब 12वें दिन भी थमता नहीं दिख रहा है। इस संघर्ष के दौरान Iran लगातार खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और उनसे जुड़े स्थानों को निशाना बना रहा है।
Iran Israel Conflict Update/ image source: IBC24
- ईरान-अमेरिका टकराव से बढ़ा तनाव
- खाड़ी देशों पर बढ़ा दबाव
- रियाद बेस से सैनिक हटाए
Iran Israel conflict Update: मध्य-पूर्व में Iran Israel conflict और United States की भागीदारी के साथ जारी तनाव अब 12वें दिन भी थमता नहीं दिख रहा है। इस संघर्ष के दौरान Iran लगातार खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और उनसे जुड़े स्थानों को निशाना बना रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ये हमले सीधे तौर पर अमेरिकी सैन्य बेस या उनसे जुड़े ढांचों पर केंद्रित हैं।
US Iran conflict: सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी
Iran Israel conflict Update को देखते हुए अमेरिकी प्रशासन ने अपने नागरिकों को खाड़ी क्षेत्र के देशों की यात्रा से बचने और वहां मौजूद लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। इसी बीच Riyadh में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे से कुछ सैनिकों को हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। लगातार हो रहे हमलों के कारण क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां और सतर्कता बढ़ा दी गई है।
Middle East tension: अमेरिका की सियासत गरमाई
इस बीच अमेरिकी राजनीति में भी Iran Israel conflict Update को लेकर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। रिपब्लिकन सीनेटर Lindsey Graham ने खाड़ी देशों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि अमेरिकी नागरिकों की जान जा रही है और अमेरिका इस क्षेत्र में ईरानी शासन को रोकने के लिए भारी आर्थिक और सैन्य संसाधन खर्च कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि Saudi Arabia जैसे देश केवल बयान जारी कर रहे हैं, जबकि पर्दे के पीछे उनकी मदद सीमित दिखाई देती है। ग्राहम के मुताबिक खाड़ी क्षेत्र के देशों को इस संघर्ष में ज्यादा सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए, क्योंकि यह संकट सीधे उनके इलाके से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर अभी सेना का इस्तेमाल नहीं किया गया तो फिर कब किया जाएगा। ग्राहम ने चेतावनी दी कि यदि खाड़ी सहयोग परिषद यानी Gulf Cooperation Council (GCC) के देश सक्रिय नहीं हुए, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।
हालांकि अब तक खाड़ी देशों ने सीधे सैन्य कार्रवाई से दूरी बनाए रखी है। सऊदी अरब ने ईरान के हमलों की निंदा जरूर की है, लेकिन सैन्य अभियान में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया है। दूसरी ओर ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने सरकारी टीवी पर संबोधन में अरब देशों से माफी मांगते हुए कहा कि उनका उद्देश्य उन देशों को निशाना बनाना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि अरब देशों के हवाई क्षेत्र या सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ नहीं किया जाएगा, तो तेहरान भी उन पर हमला नहीं करेगा। इसके बावजूद क्षेत्र में तनाव बना हुआ है, क्योंकि अमेरिका अभी भी कई अरब देशों के सैन्य अड्डों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ कार्रवाई के लिए कर रहा है। ऐसे में खाड़ी क्षेत्र में यह टकराव और व्यापक होने की आशंका बनी हुई है।
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