रियल एस्टेट परियोजनाओं की निर्माण लागत 2026 में तीन से पांच प्रतिशत बढ़ेगी: जेएलएल

रियल एस्टेट परियोजनाओं की निर्माण लागत 2026 में तीन से पांच प्रतिशत बढ़ेगी: जेएलएल

रियल एस्टेट परियोजनाओं की निर्माण लागत 2026 में तीन से पांच प्रतिशत बढ़ेगी: जेएलएल
Modified Date: March 24, 2026 / 08:48 pm IST
Published Date: March 24, 2026 8:48 pm IST

नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) रियल एस्टेट परियोजनाओं की निर्माण लागत इस वर्ष तीन से पांच प्रतिशत तक बढ़ सकती है, क्योंकि निर्माण सामग्री और मजदूरी में वृद्धि हो रही है। जेएलएल इंडिया ने यह अनुमान लगाया है।

रियल एस्टेट क्षेत्र की परामर्श कंपनी जेएलएल ने मंगलवार को ‘कंस्ट्रक्शन कॉस्ट गाइड, इंडिया – 2026’ जारी की, जिसमें अनुमान लगाया गया है कि 2026 में सभी प्रकार की संपत्तियों में निर्माण लागत में तीन से पांच प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है।

पिछले वर्ष 2025 में सामग्री लागत मिश्रित रही। सीमेंट, इस्पात और डीजल की कीमतों में मामूली गिरावट (क्रमशः 1-2, 3-4 और 5-6 प्रतिशत) देखी गई, जबकि एल्युमिनियम और तांबे की कीमतों में वैश्विक मांग और आपूर्ति श्रृंखला के दबावो के कारण आठ से नौ और नौ-10 प्रतिशत तक वृद्धि हुई।

मजदूरी लागत सभी श्रेणियों में पांच से छह प्रतिशत बढ़ी, जिसका कारण कुशल मजदूरों की कमी और बुनियादी ढांचे की बढ़ती मांग है।

सरकार की जीएसटी 2.0 पहल ने सीमेंट पर 10 प्रतिशत कर राहत दी, जिससे डेवलपर को दो से तीन प्रतिशत की बचत और घर खरीदने वालों के लिए एक से डेढ़ प्रतिशत की कीमत में कमी की संभावना है।

हालांकि, नवंबर, 2025 में लागू नए श्रम कानून के तहत सामाजिक सुरक्षा लाभ, स्वास्थ्य कवरेज और मानक वेतन ढांचे बढ़ाए गए हैं, जिससे मजदूरी लागत सभी श्रेणियों में पांच से 12 प्रतिशत बढ़ी।

जेएलएल इंडिया के अनुसार, इन सभी कारणों से इस वर्ष निर्माण लागत में कुल मिलाकर तीन से पांच प्रतिशत वृद्धि हो सकती है, जिसका असर परियोजनाओं की आर्थिक योजना पर पड़ सकता है।

भाषा

योगेश अजय

अजय


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