मुंबई, चार दिसंबर (भाषा) कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार आने वाले वर्षों में रफ्तार पकड़ सकता है और मार्च, 2030 तक इसका आकार दोगुना होकर 100 लाख करोड़ रुपये पहुंच जाने का अनुमान है। सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में यह संभावना जताई गई।
घरेलू क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि कंपनियों की तरफ से जारी होने वाले बॉन्ड के बाजार में वृद्धि के पीछे पूंजीगत व्यय को प्रोत्साहन, ढांचागत क्षेत्र का आकर्षण और बचत के वित्तीयकरण जैसे कारक हो सकते हैं।
मार्च, 2023 से पहले के पांच वर्षों में कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार नौ प्रतिशत की दर से बढ़ते हुए 43 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसके मार्च, 2030 तक दोगुने से भी अधिक होकर 100-120 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाने का अनुमान है।
क्रिसिल के वरिष्ठ निदेशक सोमशेखर वेमुरी ने कहा कि कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार की वृद्धि में नियामकीय हस्तक्षेपों ने भी अहम भूमिका निभाई है।
रेटिंग एजेंसी ने कहा कि पूंजीगत व्यय में वृद्धि को उच्च क्षमता उपयोग, कंपनियों के बहीखाते की सेहतमंद स्थिति और मजबूत आर्थिक परिदृश्य से समर्थन मिलेगा। सिर्फ 2026-27 तक ही 110 लाख करोड़ रुपये का निवेश होने का अनुमान है।
एजेंसी ने कहा कि कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार इस अनुमानित पूंजीगत व्यय के छठे हिस्से का वित्तपोषण कर सकता है।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
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